चित्तौड़गढ़। किसी भी आत्मा को संकट मुक्त कर हर्षित करने पर उसकी अंतरात्मा से निकलने वाली दुआएं व्यक्ति के नसीब को बदल देती है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने पुणे शिवाजी नगर में धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि इंसान तो क्या पशु की दुआएं भी कभी खाली नहीं आती।
उन्होंने कहा कि निस्वार्थ और निष्काम भाव से प्राणी मात्र को परमात्मा का स्वरूप समझकर उनकी सेवा में समर्पित हो जाए चारों धाम की यात्रा से बढ़कर है।
मुनि कमलेश ने बताया कि दवा के साथ दुआओं का समावेश हो जाए तो साक्षात भगवान उसे निष्फल नहीं कर सकते।
राष्ट्र संत ने कहा कि धन वैभव संपत्ति कोई छल सकता है, परंतु दुआ का धन तीन लोक के दान की संपत्ति से बढ़कर कोई बांट नहीं सकता वह जन्म जन्मांतर तक आत्मा का साथ देती है।
मुनि कमलेश ने बताया कि विपत्ति संकट परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए दुआएं राम औषधि से भी महान है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महाराष्ट्र शाखा के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय भंडारी ने बताया कि राष्ट्र संत के69 जन्मदिवस पर प्रवर्तक गुरुदेव विजय मुनि की मंगल कामनाएं वीडियो के माध्यम से गुरु भक्तों को प्रेषित की जा रही है।
गुरुदेव के परम भक्त श्रद्धालु अनिल गुप्ता ने ग्राम नगरी जिला मंदसौर के अंदर 6 बीघा जमीन खरीद कर स्वयं के दान देकर श्री गुरुदेव कमल मुनि चिन्मयानंद गौशाला का संपूर्ण निर्माण किया। आज 200 गोवंश है दिवाकर मंच की ओर से अनिल गुप्ता को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।