ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कोर्ट ने पत्नी की हत्या की कोशिश करने के मामले में आरोपी पति को 10 साल की सजा सुनाई है। आरोपी पति ने अपनी पत्नी की हत्या के लिए गले में फंदा लगाया था। लेकिन बेटे ने फंदे से उतारकर मां की जान बचा ली थी। यह घटना 9 जुलाई 2021 की है। जिसके बाद कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी।
दरअसल, यह मामला ग्वालियर के रहने वाले बस चालक हरिमोहन और उसकी पत्नी नर्मदा से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक मिनी शर्मा ने बताया है कि नर्मदा ने संतान न होने पर अपने पति की सहमति के बाद अपनी बहन के बेटे को गोद लिया था, उस बेटे के मूल माता-पिता की जब मृत्यु हो गई और उसे बीमा की रकम मिली तो हरिमोहन और गोद लिए बेटे के बीच उसको लेकर विवाद हुआ था।
हरिमोहन ने विवाद के बाद गोद लिए बेटे को घर से निकाल दिया। जिसके बाद से दोनों पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। इसी बीच 9 जुलाई 2021 को हरिमोहन घर पहुंचा और पत्नी नर्मदा का गला दबाने लगा, जब वह मरणासन्न हालत में पहुंच गई तो प्लास्टिक की रस्सी से गले में डालकर फंदा लगाने लगा, वह उसे फंदे पर लटकाता, उसके पहले किसी काम से गोद लिया हुआ बेटा घर पहुंचा और उसने पिता को रोका। साथ ही नर्मदा को अस्पताल में भर्ती कराया।
हॉस्पिटल में 11 दिन के इलाज के बाद वह ठीक हुई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर केस डायरी कोर्ट में पेश की। जहां महिला अपराध विशेष न्यायालय ने आरोपी पति हरिमोहन को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।