रतलाम। एक वकील के मोबाइल सिम बिना सूचना के टेलीकॉम कंपनी ने बंद कर दी। नंबर भी दूसरे व्यक्ति को अलॉट भी कर दिया। इसके बाद फरियादी ने उपभोक्ता आयोग से शिकायत कर दी। इसपर आयोग ने टेलीकॉम कंपनी को क्षतिपूर्ति राशि के 5 हजार और वाद व्यय के 2 हजार रुपए देने के निर्देश दिए है। आदेश का पालन नहीं करने पर 8 प्रतिशत ब्याज समेत राशि अदा करनी होगी।
वकील विवेक उपाध्याय ने बताया कि वह रिलायंस कंपनी की सिम तीन साल से उपयोग कर रहे थे। उसका समय-समय पर रिचार्ज भी करवा रहे थे। एक दिन टेलीकॉम कंपनी ने अचानक बिना कारण और बिना सूचना के उनकी सिम बंद कर अन्य व्यक्ति को अलॉट कर दी।
सिम में उसके सारे क्लाइंट्स और वकीलों के नंबर थे, उनके साइन बोर्ड और विजिटिंग कार्ड्स पर भी वही नंबर अंकित है। इससे उसे व्यवसाय में नुकसान हुआ। वकील उपाध्याय ने बताया कि कंपनी को शिकायत करने पर भी कोई जवाब तक नहीं दिया गया।
इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर खुद अपना केस लड़ा। उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष मुकेश तिवारी और सदस्य न्यायाधीश जयमाला संघवी ने लैंडमार्क ने उनके पक्ष में फैसला दिया।