जबलपुर। मध्यप्रदेश में प्रदेशव्यापी गिद्धों की गणना 17 फरवरी से 19 फरवरी तक हुई। राज्य सरकार के निर्देश पर जबलपुर वन विभाग ने भी तीन दिनों तक गिद्धों की गणना की। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक की गई गणना के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस साल गिद्धों की संख्या कम पाई गई है।
हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गिद्ध लगातार विचरण करते रहते हैं, जिसके कारण इनकी संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है। जबलपुर में सबसे अधिक गिद्ध पाटन, शहपुरा और कटंगी क्षेत्रों में देखे गए।
तीन दिन में मिले 70 गिद्ध
जबलपुर रेंज के डीएफओ ऋषि दुबे ने बताया कि तीन दिन जबलपुर के जंगल में गिद्धों की गणना की गई है। जिसमें 17 फरवरी को 57 गिद्ध, 18 फरवरी को 66 और 19 फरवरी को 70 गिद्ध गणना के दौरान मिले है।
जबलपुर रेंज के डीएफओ ऋषि दुबे ने बताया कि 2024 में गिद्धों की गणना के दौरान 89 गिद्ध मिले थे, जबकि इस साल इनकी संख्या कम दर्ज की गई। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गिद्ध लगातार विचरण करते रहते हैं, जिससे संख्या में बदलाव होता रहता है।
डीएफओ का कहना है कि गिद्ध एक ही स्थान पर अधिक समय तक नहीं रहते, इसलिए पूरे मध्यप्रदेश की गणना के बाद ही सही आंकड़े सामने आएंगे कि राज्य में गिद्धों की संख्या घटी है या बढ़ी।