भोपाल। मध्यप्रदेश में जैविक खेतीरू पद्धतियां एवं मूल्य श्रृंखला विषय पर राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र बरखेड़ी कलां में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ सीएम डॉ मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती में कोई अंतर नहीं है। जो अपने खाने को आए प्राकृतिक जो विदेश को खाने में आए वो जैविक। दोनों ही तरीकों में रसायनों से बचना है। 15 से 20 कपास हमारे यहां पैदा होता है, पूरे देश में आधा कॉटन मध्यप्रदेश में होता है। केमिकल का आकर्षण अलग और जैविक का अलग है। पहले हम यही बैठकर यूरिया और केमिकल डालने की बात करते थे, दुनिया हमारी तरफ देख रही है, हमारे स्वास्थ और पृथ्वी के लिए अच्छा है। प्रदेश में एक लाख हेक्टेयर में जैविक खेती की जा रही है। हमारा टारगेट 5 लाख होना चाहिए, इसके कई गुना फायदे है।
किसान की आय बढ़ाने के काम करेंगे
जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले को सोलर पंप देंगे, जिससे उन्हें भारी बिजली बिल से राहत मिल सके। हम उद्योग वर्ष मना रहे है। पहले इंडस्ट्री की बाद की अब कृषि आधारित उद्योगों की बात की जाएगी। सरकार पूरा प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है। सीएम ने प्रदर्शनी की तारीफ की। गांव, ब्लॉक और जिला को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। हमने पशु पालन में दूध प्रोत्साहन दिया। किसान की आय बढ़ाने और गांव की समृद्धि बढ़ाने के काम करेंगे।
उद्योग विहीन को स्पेशल पैकेज दिए जा रहे
वन मेला बहुत लोकप्रिय हुआ है। आने वाले समय में कृषि को लेकर मेले का आयोजन करेंगे। जिससे कई लोगों को इसका फायदा मिल सके। प्रदेश सरकार भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। पीएम मोदी द्वारा दिया जा रहा प्रोत्साहन के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। उद्योग विहीन को स्पेशल पैकेज दिए जा रहे है।