गुना। एक नशामुक्ति केंद्र ने सरकारी अनुदान के लिए ऐसे लोगों को नशे का आदी बता दिया, जिन्होंने कभी शराब-सिगरेट देखे भी नहीं। उनके नाम वोटर लिस्ट से निकाले और पोर्टल पर फर्जी एंट्री कर दी। इन फर्जी मरीजों की काउंसलिंग और इलाज के नाम पर सरकार से लाखों रुपए का फंड ले लिया।
ये फर्जीवाड़ा किया गुना के बजरंगगढ़ बायपास स्थित मन नशामुक्ति केंद्र ने। इसके अध्यक्ष जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. आरएस भाटी के पिता बीपी सिंह हैं। सेक्रेटरी डॉ. भाटी की पत्नी संगीता सिंह हैं। संस्था का काम शहर में नशा करने वाले लोगों को चिह्नित करना और उनकी काउंसलिंग करना है। ये काम सामाजिक न्याय विभाग की योजना के तहत किया जाता है।
घोटाले की शिकायत मिलने पर सामाजिक न्याय विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से पोर्टल पर अपडेट किए गए, उनसे भास्कर ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि हमने तो कभी कोई नशा किया ही नहीं।