नीमच। मालवा-मेवाड के सबसे चर्चित कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी प्रकरण में आज 8 मार्च को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) जितेंद्र कुमार बाजोलिया द्वारा फैसला सुनाया गया। पिछले चार वर्ष से इस प्रकरण में सुनवाई चल रही थी। तमाम सक्ष्यों और गवाहों सहित कई तकनीकी पहलुओं की जांच पडताल के बाद प्रकरण फैसले के लिए सुरक्षित रख लिया था। इस बहुचर्चित प्रकरण में आज आने वाले फैसले पर सभी की निगाहें दिनभर से टिकी हुई थी। क्योंकि नीमच के इतिहास में 25 हजार किलोग्राम (25 टन) मादक पदर्थ जब्ती का यह पहला मामला था और जिला मुख्यालय के औद्योगिक क्षेत्र में ही तस्करी का बडा रैकेट संचालित हो रहा था। सीबीएन ने 1650 पेज का चालान का पेश किया था।
लोक अभियोजक चंचल बाहेती ने बताया कि न्यायालय ने जयकुमार सबनानी उर्फ बाबू, उसके मुनिम और मैनेजर को दोषी माना है। जबकि पांच लोगों को दोषमुक्त किया है। इनमें सौरभ कोचट्टा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी, पंकज कुमावत, कैलाश गादिया सहित एक अन्य शामिल है। दोषियों की सजा के प्रश्न पर अभी विचार चल रहा है कि इन्हें 20-20 साल की सजा सुनाई जाना है। जबकि डिफेंस आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाने की अपील कर रहा है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 27 अगस्त को दी थी दबिश-
नीमच कलेक्ट्रेट आफिस के कुछ ही दूरी पर स्थित इंडस्ट्रीयज एरिए में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने 27 अगस्त को दबिश देकर मौके से कुख्यात तस्कर जयकुमार उर्फ बाबू सिंधी पिता तोलाराम सिंधी सहित अन्य को गिरफ्तार किया था और जांच में खुलासा किया गया था अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के इस गिरोह में मंडी के व्यापारी, पुलिसकर्मी और तस्कर शामिल थे। सीबीएन ने तस्करी के इस बडे प्रकरण में बाबू सिंधी सहित 10 आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और अनुसंधान के पश्चात विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के समक्ष चालान पेश किया। सीबीएन की तरफ से 10 गवाहों के बयान इस प्रकरण में दर्ज किए गए। बीते एक सप्ताह पहले ही माननीय कोर्ट ने फैसले के लिए प्रकरण को सुरक्षित रख लिया था। इस प्रकरण में जयकुमार सबनानी उर्फ बाबू सिंधी और उसके साथी राजेंद्र शर्मा, अनुराग ऐरन, अशोक डांगी, सौरभ कोचट्टा, प्रकाश उर्फ गोलू मोटवानी, पंकज कुमावत, कैलाश गादिया के बारे में आज फैसला आया है, सभी आरोपी वर्तमान में जेल में है। वहीं विनोद गुर्जर व शिवचरण गुर्जर निवासी झालरी फरार है।
पैरोल अवधि में दिया था गोलीकांड को अंजाम-
कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी को 19 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट इंदौर से एक महीने की पैरोल उसके बेटे को गंभीर बीमार होने पर मिली थी। बाद में हाईकोर्ट से 19 फरवरी 2024 तक पैरोल की अवधि बढाई थी। अवधि बढाकर बाबू सिंधी ने शार्प शूटरों के साथ मिलकर 4 फरवरी 2024 को मालवा-मेवाड़ के प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर जानलेवा हमला किया। हाईकोर्ट इंदौर में प्रस्तुत की गई मेडिकल रिपोर्ट की रतलाम के सविल सर्जन डॉ.एमएस सागर ने जांच की तो फर्जी निकली। इस पर डॉ. जीवन चौहान और डॉ. रवि दिवेकर को निलंबित कर दिया था। समाजसेवी अरोरा पर फायरिंग का मामले में भी बाबू सिंधी और उसके साथियों की जमानत नहीं हुई है।