कंजार्डा। विगत तीन वर्षों से विवाद का कारण बनी पुलिस चौकी परिसर में स्थित होलिका दहन होलिका दहन को लेकर जो उत्साह लोगों में था वह रात 11.00 बजे खत्म हो गया प्रशासन अपनी बात पर अड़ा रहा देर रात होलिका दहन किया गया विवाद होली का दहन पुलिस चौकी में जहां एक संप्रदाय की मस्जिद भी मौजूद है वही मस्जिद के पास प्राचीन समय से होली का दहन किया जा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे इसे ईशु बना लिया गया। होलिका दहन अपने निर्धारित समय पर किया जा सकता था, लेकिन इस होली का दहन से पूर्व गांव के राजाराम बैरागी और रविंदर गर्ग प्रभु लाल चरण को प्रशासन ने शांति भंग ना हो इसलिए तीनों को सूचना पत्र जारी किया गया। इसी सूचना पत्र को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश पैदा हो गया। इसी आक्रोश को लेकर प्रशासन से बार-बार मांग की गई की आखिर यह नोटिस हमें क्यों दिए गए जबकि अपना हिंदुओं का त्यौहार है। इन नोटिस को लेकर ही रात्रि में सबके बीच होलिका दहन न करने का निर्णय लिया गया था आखिर प्रशासन हमें किस बात का दोषी मान रही है। इस संबंध में विधायक तक भी बात पहुंची। इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि एक समुदाय ने आगे बढ़कर जो अतिक्रमण किया उसे प्रशासन ने नजर अंदाज कर दिया । काफी लंबे अरसे से होली का दहन जिस स्थान पर किया जा रहा है ।उसी स्थान पर प्रतिवर्ष होलिका दहन किया जा रहा है। जिस स्थान को लेकर विवाद हुआ है वहां होलिका दहन कुछ बच्चों ने प्रारंभ किया था जिसे पुलिस की निगरानी में और सहयोग से इसका दहन किया जा रहा है लेकिन आज यही एक बड़ा विवाद का कारण बन गया वैसे यह विवाद का कारण नहीं बनता लेकिन कुछ तत्कालीन नेताओं के कारण यह विवाद का कारण बन गई प्रशासन भी इसके लिए स्थाई हल ढूंढ नहीं पा रहा है की इस विवाद का पटाक्ष किस प्रकार किया जा सके । देर रात एसडीएम मनासा एसडीओपी मनासा थाना प्रभारी मनासा चौकी प्रभारी कंजार्डा ग्राम पंचायत सरपंच कंजार्डा ओर नेताओं की उपस्थिति में विधिविधान से पूजा अर्चना कर होलिका दहन किया गया।
इनका कहना-
जब से हम पैदा हुए हैं यहीं पर होली जलते हुए देखी है। कोरोना काल में आचार संहिता का फायदा उठाकर एक वर्ग विशेष समुदाय ने चद्दर की आड़ में इस विवाद को जन्म दिया जबकि यहां पूर्व में एक बड़ा पीपल का पेड़ था उस पेड़ को काटकर उसके स्थान पर अतिक्रमण कर मस्जिद को आगे बढ़ा दिया गया प्रशासन का इस और ध्यान नहीं गया प्रशासन को इस मुद्दे को हल करने के लिए बीच का रास्ता निकालना होगा आखिर हमने ऐसा क्या अपराध किया है जो हमें नोटिस दिए गए।- रविंदर गर्ग कंजार्डा
जो नोटिस दिया गया है उसे अन्यथा न ले वह शासन की प्रक्रिया है नोटिस का खंडन नहीं किया जा सकता है आप निर्धारित दिनांक को एसडीएम मनासा के सम्मुख उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे।- एसडीओपी मनासा