विदिशा। आवारा कुत्तों का खतरा अब गंभीर रूप ले चुका है। जिला हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज में रोजाना 40 से अधिक लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इस समस्या ने शहर में स्वास्थ्य संकट की स्थिति उत्पन्न कर दी है।
15 दिन में कुत्तों के काटने के 123 केस
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मोहित के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में कुत्ते के काटने के 123 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को तो सिर्फ चार घंटे में ही 27 लोग अस्पताल पहुंचे, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। डॉक्टरों के अनुसार, कुत्ते की लार में मौजूद रेबीज वायरस से हाइड्रोफोबिया जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है, जो लाइलाज है। कुत्ते के काटने के बाद 72 घंटे के अंदर रेबीज का इंजेक्शन लगवाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस जानलेवा संक्रमण से बचाव हो सके।
मरीज बोले- कुत्तों के झुंड ने हमला किया
इस खतरे के शिकार होने वालों में सुमित कुमार और राहुल जैसे लोग शामिल हैं। सुमित कुमार को दोस्त के घर से निकलते समय कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया, वहीं राहुल को बाइक चलाते वक्त कुत्ते ने काट लिया। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का खतरा हर गली-मोहल्ले में बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।
नगरपालिका द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस समस्या को लेकर शिकायतें की हैं, लेकिन नगरपालिका अधिकारी इस पर कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में एंटी रेबीज इंजेक्शन मुफ्त लगाए जा रहे हैं।