शाजापुर। शुजालपुर के वार्ड 2 की 5 माह की बच्ची तृषा पुष्पद की मुंबई में सरकारी मदद से सफल हार्ट सर्जरी हुई। बच्ची की गंभीर स्थिति की जानकारी व्हाट्सएप पर मिलने पर सुशासन की मिसाल कायम करते हुए चिकित्सा विभाग ने 7 फरवरी को शुजालपुर आकर इस बाल रोगी को मुंबई के निजी अस्पताल भेजने का पत्र परिवार को दिया था।
13 फरवरी को हार्ट सर्जरी के लिए मुंबई के एसआरसीसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल नारायणा हेल्थ से इस्टीमेट ईमेल से जिला चिकित्सा अधिकारी शाजापुर को भेजा गया। जिस पर 1.10 लाख की स्वीकृति जिला चिकित्सा अधिकारी ने जारी की थी। वार्ड 2 शुजालपुर निवासी तृषा पुष्पद जन्मजात हृदय संबंधी रोग से पीड़ित थी। जिला प्रशासन द्वारा तीन महीने की उम्र में ही उसे इंदौर ऑपरेशन कराने भेजा था, लेकिन वजन कम होने से वहां सर्जरी नहीं हुई थी। दोबार बच्ची की तबियत बिगड़ने पर परिजन बेटी को 4 फरवरी को एम्स हॉस्पिटल भोपाल ले गए थे। यहां से उसे गंभीर बताते हुए दिल्ली या अन्य बड़े शहर ले जाने की सलाह दी गई थी।
शुजालपुर विधायक व उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार व रेडक्रॉस सोसायटी सदस्य पुरुषोत्तम पारवानी ने बच्ची की स्थिति से चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराकर तत्परता से मदद का अनुरोध किया था। सामान्यतः मरीज को चिन्हित अस्पताल से इस्टीमेट शाजापुर लाकर जमा करने पर सहायता स्वीकृत की जाती है। इस प्रकरण में मरीज की तात्कालिक गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम समन्वयक हिमांशी काले ने व्हाट्सएप पर ही मरीज के दस्तावेज बुलवाए। चिकित्सकों ने बच्ची की बीमारी की गंभीरता को देख परिजनों को जिला मुख्यालय बुलाए बिना, शुजालपुर आकर दिव्यांग परीक्षण शिविर में 7 फरवरी को मरीज बच्ची को मुंबई के निजी अस्पताल भेजने का पत्र सौंपा था। मुंबई के अस्पताल मे बच्ची तृषा पुष्पद की सफल सर्जरी होने से परिवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना से बेटी का स्वास्थ्य लाभ मिला। अब बच्ची स्वस्थ्य होकर सामान्य जीवन जी रही है। सीएमएचओ डॉक्टर अजय सालविया, डीएचओ डॉक्टर तेजपाल सिंह जादौन ने बताया आरबीएसके योजनांतर्गत 18 वर्ष तक के बच्चों को जन्मजात हृदय रोग, क्लब फुट याने हाथ पैर टेढ़े होने की सुधारात्मक सर्जरी, आंखों में भेंगापन या कटे होंठ, टूटे तालू की सर्जरी करने मप्र व देश के बड़े महानगरों में निजी चिन्हित अस्पताल में सरकारी खर्च पर इलाज देने की सुविधा है। इसके लिए कोई भी मरीज या परिजन नजदीकी सरकारी अस्पताल या जिला अस्पताल में सहायता के लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ योजना का लाभ लेने संपर्क कर सकता है।