भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड में प्रेमिका के पति का अपहरण करना दो पुलिस आरक्षकों को भारी पड़ गया। एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया है। पीड़ित पति ने दोनों आरक्षकों की आईजी से शिकायत की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। दोनों पुलिसकर्मी रौन थाने में पदस्थ थे। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है।
दरअसल, ग्वालियर की प्रॉपर्टी में कॉल सेंटर में काम करने वाली महिला की रौन थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय राजपूत से दोस्ती हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। प्रधान आरक्षक अजय राजपूत अपने दोस्त सूरज जाट के साथ प्रेमिका को मथुरा लेकर गया था। इन दोनों ने महिला के साथ फोटो खिंचवाए थे।
महिला ने दूसरे नाम की इंस्टाग्राम आईडी से फोटो अपलोड किए थे। जिसे महिला के पति ने फोन पर देख लिया और आपत्ति जताई थी। प्रेमिका ने इसकी जानकारी प्रधान आरक्षक अजय राजपूत को दी। जिसके बाद अजय राजपूत ने अपने दोस्त आरक्षक सूरज जाट के साथ मिलकर महिला के पति के अपहरण का प्लान बनाया।
दोनों पुलिसकर्मी ने 22 फरवरी को अपने एक साथी के साथ मिलकर मुरैना जिले के अंबाह से पति का अपहरण कर लिया। उसे गाड़ी में बिठाकर मोबाइल के फोटो डिलीट कर धमकाया और फिर मेहगांव ले जाकर छोड़ दिया था। पीड़ित पति ने दोनों आरक्षकों की चंबल आईजी से शिकायत की थी। इस मामले में अंबाह के एसडीओपी ने जांच कर भिंड एसपी असित यादव को प्रतिवेदन भेजा था। जिसके आधार पर एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें सस्पेंड कर दिया।