इंदौर। थोक बाजार में मसालों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। खोपरा गोला की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है। उत्पादक केंद्रों पर टेंडर के ऊंचे जाने और तेल फैक्ट्रियों द्वारा अधिक दामों पर खरीदी के कारण सियागंज में खोपरा गोला 180 से 220 रुपए तक बिक रहा है।
ईद की मांग के कारण खोपरा बूरे में भी तेजी देखी जा रही है। इंदौर में खोपरा बूरा 3900 रुपए में बिक रहा है। होली की मांग के बाद तरबूज मगज का स्टॉक कम होने से इसके दाम में 10 से 20 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का मानना है कि यह तेजी अस्थायी है। अप्रैल में लग्नसरा की मांग से पहले सरकार तरबूज मगज का आयात फिर खोल सकती है।
अमेरिका और हूती विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष के कारण चिली से अखरोट की आवक प्रभावित हुई है। इससे अखरोट के दाम में 20 से 40 रुपए की वृद्धि हुई है। अखरोट 750 से 790 रुपए में बिक रहा है। जावित्री और जायफल की मांग कम होने से इनके दाम नरम पड़े हैं। जावित्री 1750 से 1950 रुपए में बिक रही है।
हरी इलायची के उत्पादक केंद्रों पर कीमतों में 200 रुपए की गिरावट आई है। मार्च में कारोबार सुस्त होने और निर्यात मांग कम होने से हरी इलायची के दाम घटे हैं। पहले 2600 रुपए में बिकने वाली हरी इलायची अब 2475 रुपए में बिक रही है। विश्लेषकों के अनुसार इस सीजन में कम उत्पादन के कारण हरी इलायची के दाम बढ़े थे।
हालांकि मार्च और अप्रैल में उत्पाद केंद्रों में अच्छी बारिश की स्थिति बनती दिख रही है। ऐसे में हरी इलायची की अगली फसल अच्छी होने की उम्मीद बंध गई है। ऐसे में आगे इलायची में बहुत तेजी नहीं दिख रही है। नारियल के भाव अभी स्थिर है, लेकिन आगे मांग निकले पर तेजी आ सकती है। शकर की आवक पांच गाड़ी की रही। भाव में नरमी देखी गई। शकर 4125 से 4180 रुपए प्रति क्विंटल बिकी। नारियल में कारोबार सामान्य रहा।