BREAKING NEWS
REPORT : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने किया सपत्नीक.. <<     VIDEO NEWS: दतिया में चुनावी रण का आगाज़,.. <<     बड़ा हादसा: क्रिकेट खेलते समय भरभराकर गिरी.. <<     KHABAR : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर.. <<     KHABAR : ग्वालियर में 30 सितंबर तक रेत खनन बंद,.. <<     KHABAR : तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुंचे मुख्य.. <<     BIG REPORT : बघाना में पाइपलाइन कार्य के बाद सड़क.. <<     BIG NEWS : पंडवानी की अमर आवाज हुई खामोश, पद्म.. <<     KHABAR : गौरी शाह बाबा की ऐतिहासिक मजार में तोड़फोड़,.. <<     KHABAR : रिटायर्ड बिजलीकर्मी की अग्रिम जमानत.. <<     KHABAR : गौरक्षा सेना ने एक दिन में 5 स्थानों पर.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने पहली चाल चलकर किया राष्ट्रीय.. <<     KHABAR : दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी,.. <<     NEWS : मैसूर में ‘अग्रवाल रत्न’ सम्मान से हुए.. <<     NEWS : राजाधिराज स्वरूप में ठाकुरजी के दर्शन, 56.. <<     KHABAR : स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर.. <<     KHABAR : मध्यप्रदेश एसएलडीसी को मिला.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 19, 2025, 12:10 pm
KHABAR : थोक बाजार में टमाटर 1 रुपए प्रति किलो, 600 रुपए का टमाटर कैरेट अब मात्र 30 रुपए में बिके, पढे़ खबर 

Share On:-

श्योपुर। टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। थोक बाजार में टमाटर का भाव मात्र 1 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। तलावदा और टोंगनी गांव के किसान अपनी फसल को खेत में ही छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। कई किसान ग्रामीणों को मुफ्त में टमाटर ले जाने की अनुमति भी दे रहे हैं।


मजदूरी का खर्च भी नहीं निकल पा रहा
तलावदा के किसान महावीर मेरोठा ने एक बीघा में टमाटर की खेती की थी। उन्होंने बताया कि मौजूदा कीमत में टमाटर तोड़ने की मजदूरी का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। टोंगनी के किसान मुकेश मीणा की स्थिति और भी चिंताजनक है। उन्होंने सात बीघा में टमाटर की खेती की थी। पिछले साल 25 किलो के एक कैरेट का भाव 600 रुपए था, जबकि इस बार यह मात्र 30 रुपए में बिक रहा है।


खेती की लागत भी नहीं निकल रही
किसानों का कहना है कि एक बीघा खेत में लगभग 50 हजार रुपए की लागत आती है, लेकिन वर्तमान कीमतों में उनकी लागत भी पूरी नहीं हो रही। मजबूरी में किसान टमाटर को खेत में ही छोड़ रहे हैं या फिर मवेशियों को खिला रहे हैं।


व्यापारियों की राय
व्यापारी धर्मेंद्र चौहान का कहना है कि स्थानीय स्तर पर टमाटर की खेती कम होती है, लेकिन इस बार थोक बाजार में भी कीमतें बहुत कम हैं। इससे किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE