जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार ने पूछा था कि कितने सांसदों और विधायकों पर आपराधिक केस दर्ज है, और किस तरह के अपराध उनके खिलाफ पुलिस थानों में दर्ज है। हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने बुधवार को अपना जवाब पेश करते हुए बताया है कि 19 अलग-अलग तरह के मामले सांसद और विधायकों के खिलाफ विशेष अदालतों में लंबित है। राज्य सरकार के जवाब में हाईकोर्ट ने विस्तृत जानकारी के लिए समय देते हुए कहा है, कि जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करे।
दरअसल सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट ने ओवरआल रिपोर्ट सरकार से तलब की थी, जिस पर सरकार ने जवाब पेश किया और बताया कि 19 मामले लंबित है, पर सरकार ने यह नहीं बताया कि किस सांसद और विधायक पर आरोप तय हुए है, जिस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि पूरी सूची तैयार की जाए और यह भी बताया जाए कि कितने सांसद और विधायकों पर आरोप तय हुए है।
हाईकोर्ट ने मामले पर स्वंतरू सज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि विधायकों और सांसदों के लंबित मामले अभी किस स्टेज पर पहुंचे है, और अभी तक कितने मामलों में गवाही हो चुकी है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार अदालत में सभी के आपराधिक मामलों की विस्तृत जानकारी पेशे करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।