अशोकनगर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रंगपंचमी के अवसर पर बुधवार को अशोकनगर स्थित जानकी धाम करीला पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत के दौरान जिस सीढ़ी पर सीएम खडे़ थे, वो टूट गई। इससे वे लड़खड़ा गए। साथ खड़े लोगों ने उन्हें संभाला। करीला धाम में रंगपंचमी का तीन दिवसीय मेला चल रहा है। मुख्यमंत्री सुबह करीब 11: 40 बजे यहां पहुंचे। माता जानकी के दर्शन और पूजा की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते वक्त हादसा हो गया। मुख्यमंत्री यादव ने माता जानकी के दर्शन किए। इसके बाद रेलिंग में खड़े श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की। फिर सीढ़ियों से उतरते हुए मीडिया से चर्चा करने लगे। उनके साथ और भी लोग थे। वजन अधिक होने से अस्थायी सीढ़ी टूट गई। हालांकि, घटना में किसी को चोट नहीं आई है।मीडिया से बात करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदिर के सामने बने मंच पर पहुंचे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने माता जानकी धाम को करीला लोक बनाने, यहां बड़े होटल खुलवाने समेत अन्य व्यवस्थाएं कराने की मांग की। मंदिर क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की भी बात कही। सीएम ने मंच से करीला मेले के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। वे करीब एक घंटे करीला धाम में रुके।अशोकनगर के करीला धाम में महर्षि वाल्मीकि का आश्रम है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहीं पर रंगपंचमी के दिन एक गुफा में लव-कुश का जन्म हुआ था। यह गुफा सालभर में एक बार 24 घंटे के लिए खोली जाती है। इस अवसर पर प्रदेशभर से लोग पूजा-अर्चना करने के लिए जुटते हैं।मान्यता है कि लव-कुश के जन्म के समय स्वर्ग से अप्सराओं ने उतरकर माता जानकी के दरबार में नृत्य किया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर बधाई नृत्य कराते हैं। तीन दिवसीय मेले के पहले दिन 5 लाख श्रद्धालुओं ने माता जानकी के दर्शन किए।