अशोकनगर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अशोकनगर से 35 किलोमीटर दूर स्थित माँ जानकी करीला धाम मंदिर एक अदभुत मंदिर हे जहां माँ जानकी लव-कुश और ऋषि बाल्मीकि जी बिराजमान हे तो वही राम की मूर्ति यहाँ नहीं है यहाँ पर हर वर्ष रंगपंचमी पर मेले का आयोजन होता है।
रंगपंचमी पर मेले में उमड़ा भक्तों का सैलाब रंगमचमी पर देश भर के लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं ने किए माँ जानकी के दर्शन मन्नते पूरी होने पर भक्तों ने कराए गाजे बाजे के साथ राई नृत्य मान्यता हे की जो भी सच्ची भक्ति भाब के साथ माँ के मंदिर में माथा टेकता हे उसकी हर मन्नत पूरी होती हे और भक्तों की मन्नत पूरी होने पर राई नृत्य कराते है।
तो वही तीन दिवसीय इस विशाल मेले में आसपास क्षेत्र के दुकानदार अपनी कई सौदा समान व सामग्री की दुकान लगाते हैं और मनोरंजन के लिए झूले सर्कस मौत का कुआं और कई उन आयोजन भी किए जाते हैं जिनका दूर-दूर से आने वाले लोग लुत्फ उठाते हैं। और यहां की प्रसिद्ध राई नृत्य का भी आनंद लेते हैं।