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March 21, 2025, 10:18 am
KHABAR : चारा घोटाले की तर्ज पर एमपी में धान घोटाला, 30 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा, 74 लोगों के खिलाफ 12 थानों में एफआईआर, पढे़ खबर  

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में चारा घोटाले की तर्ज पर एक और बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जिसमें कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक समेत 74 लोगों के खिलाफ 12 थानों में एफआईआर दर्ज की गई है।


क्या है मामला
दरअसल, धान खरीदी के दौरान की गई अनियमितताओं में कई बड़े अधिकारियों, राइस मिल संचालकों और उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों की भागीदारी पाई गई। इसके चलते कलेक्टर ने 74 लोगों पर एफआईआर कराई। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी, 17 राइस मिल संचालक, 25 सोसाइटी और उपार्जन केंद्र के 44 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


बता दें कि, इससे पहले भी जिले में 3.81 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी में गड़बड़ियां पाई गई थीं। जिसके चलते पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जानकारी के अनुसार, धान परिवहन में दिखाए गए वाहनों के नंबर कार और बसों के थे, जबकि जिन ट्रकों से धान का परिवहन दिखाया गया, वे टोल नाके से गुजरे ही नहीं। इसके बजाय, धान को बाहर भेजने के बजाय स्थानीय दलालों को बेचा गया।


17 राइस मिलर्स ने किया घोटाला
17 राइस मिलर्स ने मिलकर फर्जी तरीके से 14 हजार टन धान का उठाव दर्शाया। इसके लिए 614 वाहनों की आवा-जाही का रिकॉर्ड दिखाया गया, लेकिन इनमें से 571 वाहनों की टोल नाके पर कोई जानकारी नहीं मिली। 307 वाहनों के नंबर ऐसे थे जो कार और बसों के थे, जबकि वे ट्रक होने चाहिए थे। वहीं कुछ गोदामों से धान की खरीदी किए बिना ही मिनटों में फर्जी एंट्री दिखाई गई।


कलेक्टर ने 2510 पन्नों की जांच रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें 11 समिति व उपार्जन केंद्र के 20 प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं संकुल उपार्जन केंद्र के प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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