इंदौर। प्राचीन शीतला माता बाजार स्थित मंदिर में शीतला सप्तमी का विशेष पर्व मनाया गया। महिलाओं ने रात्रि 12 बजे से मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने ठंडा भोजन, हलवा, पूरी, भजिए और खीर सहित विभिन्न पकवान बनाकर माता को भोग लगाया।
मंदिर परिसर में शीतल जल से वातावरण को ठंडा किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर की दीवारों पर हाथों के छापे लगाकर विशेष पूजन किया। महू नाका चौराहे पर स्थित देवी की स्वयंभू प्रतिमा पर भी अर्धरात्रि से पूजा-अर्चना की गई। यह प्रतिमा 1959 से स्थापित है।
चेचक से बचाव की देवी माना जाता है
मान्यता है कि यहां पूजा करने से पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होती है। महिलाएं होलिका के पास बैठकर माता की कथा सुनाती हैं और होली का पूजन करती हैं। शीतला माता को चेचक और अन्य त्वचा रोगों से बचाव की देवी माना जाता है।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शीतला सप्तमी का पर्व मनाया गया। महिलाओं ने व्रत रखकर मंदिरों और घरों में पूजा की। इस दिन परिवार के सभी सदस्यों ने बासी भोजन ग्रहण किया।