नीमच। जिले के मनासा स्थित अक्षय क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी पर ऋण वसूली के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए पीड़ित ऋणी सदस्य संस्था का करीब 700 पेज का कच्चा चिट्ठा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ऋण लेने वाले सदस्यों का आरोप था कि सोसाइटी द्वारा धोखे में रखकर चेक लिए जाते हैं और फिर चेक का दुरुपयोग किया जाता है।
सदस्यों ने बताया कि संस्था द्वारा सदस्यों को ब्लैकमेल करके अवैध राशि की मांग की जा रही है। विकास बांगा ने बताया कि संस्था ऋण प्रदान करते समय अपने सदस्यों से 8 से 10 कोरे हस्ताक्षरित चेक लेती है और मात्र दो चेक का हवाला लोन एग्रीमेंट में किया जाता है। बाकी के चेक दुर्भावना पूर्ण उद्देश्य के साथ संस्था अपने पास रखती है। बाद में दुरुपयोग किया जाता है।
सदस्यों ने बताया कि किस्त अदा करने के बावजूद भी संस्था द्वारा अन्य कारणों का हवाला देकर हमारी किस्त बकाया बताकर चेक का दुरुपयोग किया जाता है। ऋणी सदस्यों ने यह भी कहा कि समिति का रजिस्ट्रेशन मनासा का है, फिर भी सदस्यों को परेशान करने के उद्देश्य से चेक अनादरण के प्रकरण मंदसौर में लगाये जाते है। इन लोगों का कहना था कि करीब 5000 से अधिक लोग परेशान हो रहे हैं। दुखी ऋणियों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु भी मांगी है। परेशान ऋणियों ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संस्था के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।