नीमच। शहर में गणगौर की धूम है। माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा आज शहर की स्थानीय गांधी वाटिका से गणगौर की झेल निकाली गई। माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा शीतला सप्तमी के दिन विगत कई वर्षों से गणगौर झेल का आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर माहेश्वरी समाज की महिलाएं सज धज के सोलह श्रृंगार कर उल्लास और उमंग के साथ गांधी वाटिका पहुंची। यहां से झेल शहर के प्रमुख मार्गों पर होते हुए माहेश्वरी भवन पहुंचकर समाप्त हुई। गणगौर हिंदुओं का पारंपरिक पर्व है जिसे 16 दिनों तक मनाते है। यह त्यौहार भगवान शिव और माता गौरा के मिलन का प्रतीक भी माना जाता है। आज विवाहित स्त्रियों ने व्रत रखकर अखंड सुहाग के लिए प्रार्थना की। वहीं कुंवारी कन्याओं ने इच्छा अनुसार वर प्राप्ति के लिए मनोकामना की। माहेश्वरी महिला मंडल ने गणगौर झेल के अवसर पर दोहे बोले,गीत गाए,झाले डाले और बिंदोरी निकाली। इस अवसर पर ईसर गौर की जोड़ी बनकर आई महिलाओं के बीच एक प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ। महिलाओं ने आनंदित माहौल में रंग-बिरंगे गेम भी खेले।