भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमोत्सव के शुभारंभ के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया है। सीएम ने बताया कि राष्ट्रपति ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सीएम ने कल गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और जीआईएस में मार्गदर्शन देने के लिए उन्हें धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट कर बताया कि विक्रमोत्सव आगामी 30 मार्च को गुड़ी पड़वा के दिन से प्रारंभ होगा। गुड़ी पड़वा विक्रम संवत परिवर्तन का दिन है और वर्षों से इसका आयोजन मध्यप्रदेश में किया जाता है। सीएम ने उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि उन्होंने आदिकाल में ही गणराज्य की स्थापना की और उनका शासनकाल न्याय, पराक्रम और सुशासन के लिए जाना जाता है। उनके मंत्रिमंडल को सिंहासन बत्तीसी के नाम से जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी 12, 13 और 14 अप्रैल को नई दिल्ली में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन का ध्येय है कि युवा पीढ़ी विक्रमादित्य के सिद्धांतों को पढ़े, समझे और अंगीकार करें। इसी दिन से जल गंगा अभियान पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा। अभियान 3 महीने तक चलाया जाने वाला है। उन्होंने बताया कि इसी समय विक्रम विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का भी आयोजन किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने निमंत्रण सहर्ष स्वीकार किया। सीएम ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के छोटे और मझोले किसानों तक भी इस योजना की जानकारी पहुंचे, जिससे वे लाभान्वित हो सकें।
सीएम ने अभियान को सफल बनाने के लिए सहकारिता मंत्री अमित शाह को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया है। भेंट के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।