खरगोन/जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बोरावां में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एवं पीएचडी कैंडिडेट अशुतोष भुवाड़िया के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण शोध अध्ययन संपन्न हुआ। इस अध्ययन का उद्देश्य विद्यार्थियों की सामाजिक मुद्दों पर सोच, उनके आलोचनात्मक चिंतन, क्रिटिकल थिंकिंग क्षमता और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण को समझना था। उनके इस शोध अध्ययन में उनकी सहयोगी सिद्रा अली और नाहेला खान ने उनका सहयोग दिया। इसके साथ ही आशुतोष ने संस्था में छात्र सफलता में वृद्धि, शिक्षा में क्रिटिकल थिंकिंग और सॉफ्ट स्किल्स की भूमिका विषय पर फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अपने अनुभव साझा किए।
शोध की विशेषताएं और उद्देश्य
इस शोध अध्ययन के तहत छात्रों को एक विशेष प्रश्नावली दी गई, जिसमें उन्हें लिंग, जाति, आय और सामाजिक वर्ग जैसे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया गया। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि छात्र विभिन्न सामाजिक मुद्दों को कैसे देखते हैं एवं उनकी चिंतन क्षमता को कैसे विकसित किया जा सकता है। शोध के दौरान छात्रों ने अपने विचारों को तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया और समाज में मौजूद विभिन्न असमानताओं पर चर्चा की। यह अध्ययन छात्रों को डेटा और विश्लेषण के आधार पर सोचने एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करेगा।
भविष्य की योजनाएं
हावर्ड यूनिवर्सिटी शोधकर्ता अशुतोष भुवाड़िया ने बताया कि यह शोध केवल एक शुरुआत है। आगे वे छात्रों की ’टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और सॉफ्ट स्किल्स’ को विकसित करने के लिए विभिन्न चरणों में इस शोध कार्य को आगे बढ़ाएंगे। इन गतिविधियों से छात्रों में नेतृत्व और समस्या समाधान संबंधी क्षमताओं का विकास होगा। साथ ही शोध के निष्कर्षों के आधार पर, भविष्य में शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नई नीतियों को प्रस्तावित किया जाएगा। इस शोध अध्ययन में जेआईटी के वॉलिंटियर स्टूडेंट्स तनवी, ऋषि, रितेश, टीना और अर्पित की सराहना करते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
शोधकर्ता ने की संस्थान और छात्रों की सराहना
जे.आई.टी. प्राचार्य डॉ. अतुल उपाध्याय ने इस सफल एवं प्रभावी अध्ययन के लिए जेएनसीईटी बोरावां के अंतर्गत संचालित समस्त संस्थाओं के विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। संस्थान के डीन एकेडमिक डॉ सुनील सुगंधी एवं प्राध्यापकों ने इस तरह के शोध कार्यों को शिक्षा जगत में क्रांतिकारी कदम बताया। संस्था की ओर से इस प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर प्रो. नितिन नामदेव ने बताया कि इस शोध कार्यक्रम ने यह साबित किया कि छात्रों में सामाजिक मुद्दों पर सोचने और आलोचनात्मक विश्लेषण करने की क्षमता को विकसित किया जा सकता है। यह न केवल उनके शिक्षा स्तर को ऊँचा उठाएगा बल्कि उन्हें एक बेहतर समाज का हिस्सा बनने में भी मदद करेगा।
शिक्षा हो उद्देश्यपूर्ण - अरूण यादव
पूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने संस्था में पधारे शोधकर्ता आशुतोष एवं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को धन्यवाद देते हुए अपने शुभकामना संदेश में कहा कि “शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह निर्णय क्षमता में वृद्धि करने वाली, व्यवहारिक और समाज को बेहतर बनाने का जरिया होनी चाहिए।