चित्तौड़गढ़। राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी का 101 साल की उम्र में देवलोक गमन पर प्रताप नगर सेवा केंद्र पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पुष्पांजलि अर्पित करते हुए राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि नारी शक्ति के सबसे बड़े संगठन ब्रह्मा कुमारीज की मुखिया से लेकर आज वटवृक्ष बनने की साक्षी है। वर्ष 1937 में ब्रह्मा कुमारीज की स्थापना से लेकर आज तक 87 वर्ष की यात्रा में साक्षी रही दादी रतन मोहिनी जी में बचपन से ही भक्ति भाव के संस्कार रहे छोटी सी उम्र होने के बाद भी आप अन्य बच्चों की तरह खेलने कूदने के स्थान पर ईश्वर की आराधना में अपना ज्यादा वक्त गुजारती थी। स्वभाव गंभीर था पढ़ाई में भी होशियार होने के साथ प्रतिभा संपन्न रही है। 25 मार्च 1925 को सिंध हैदराबाद के साधारण परिवार में देवी स्वरूप बेटी ने जन्म लिया माता-पिता ने नाम रखा लक्ष्मी, किसी ने सोचा भी नहीं होगा कल यही बेटी आध्यात्मिक और नारी शक्ति का जगमग सितारा बनकर सारे विश्व को रोशन करेगी। बचपन से आध्यात्मिक के प्रति लगन और परमात्मा को पाने की चाह में मात्र 13 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी ने विश्व शांति और नारी सशक्तिकरण की मुहिम में खुद को झोंक दिया था और ब्रह्मकुमारी बहनों की ट्रेनिंग और नियुक्ति की कमान वर्ष 1996 में ब्रह्मा कुमारीज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तय हुई। आप विधिवत्त बेटियों को ब्रह्माकुमारी बनने की ट्रेनिंग देती रही, दादी जी के नेतृत्व में अब तक 6000 सेवा केंद्रो की नींव रखी गई है, 40 साल से युवा प्रभात संभाल रही है। सेवा केंद्र पर मधु दीदी ने दादी जी को भोग स्वीकार कराया और श्रद्धां सुमन अर्पित किए क्लास के सभी भाई बहनों ने भी दादी जी को श्रद्धांजलि दी। डॉ सविता सोनी एसोसिएट प्रोफेसर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चित्तौड़गढ़ बालकिशन भाई प्रहलाद भाई बनवारी भाई बेला बहन दीपा बहन नीलम बहन सभी ब्रह्माकुमारी परिवार ने श्रद्धांजलि दी। राजयोगिनी आशा दीदी एवं अनीता दीदी ने भी माउंट आबू मुख्यालय पहुंच कर राजयोगिनी रतन मोहिनी दादी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।