शाजापुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् शाजापुर द्वारा दिनांक 10 अप्रैल 2025 को दो महत्वपूर्ण आयोजनों का सफल आयोजन किया गया। प्रथम चरण में महावीर स्वामी का अहिंसा दर्शन और समकालीन प्रासंगिकता विषय पर आधारित व्याख्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जगदीश भावसार ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी का चिंतन आज भी साहित्य, नीति और दर्शन के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत है।
परिषद के अध्यक्ष जितेन्द्र देवतवाल ज्वलंत ने अपने भावपूर्ण काव्य-पाठ में कहा- जियो और जीने दो का दर्शन जग को सिखलाया। मुनि त्रिशलानन्दन महावीर को धन्य धरा ने पाया।
परिषद के महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान महावीर का जीवन कठोर तप और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था। उनका स्यादवाद और अनेकांतवाद जैसे सिद्धांत आज के विश्व को सहिष्णुता और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाते हैं।
द्वितीय चरण में परिषद की मासिक बैठक का आयोजन डे केयर सेंटर, वजीरपुर में सायं 6.00 बजे किया गया, जिसकी अध्यक्षता जितेन्द्र देवतवाल श्ज्वलंतश् ने की एवं संचालन महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया। बैठक में निम्न ठहराव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
1. परिषद की मासिक कार्यकारिणी बैठक प्रत्येक प्रथम रविवार को सायं 6.00 बजे नियत स्थान पर आयोजित की जाएगी।
2. प्रत्येक सदस्य से रु. 100/- मासिक अंशदान निर्धारित किया गया है, जिसे कोषाध्यक्ष ज्योति प्रकाश माथुर के पास जमा किया जाएगा।
3. आगामी प्रांतीय सम्मेलन (प्रांतांश) हेतु सभी दायित्ववान सदस्य लक्ष्य पूर्ति में सक्रिय सहयोग देंगे।
4. ष्सनातन आस्था पर आक्रमण स्वीकार्य नहींष् विषय पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन 15 अप्रैल 2025 को सायं 4.00 बजे जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा।
इस अवसर पर परिषद के प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्यगण- राजेन्द्र रिणवा, डॉ. जगदीश प्रसाद, मनोहर लाल राय, संजय बोराडे, गुलाब गुप्ता, कैलाश नारायण सोनी आदि उपस्थित रहे।