उज्जैन। रामनवमी के दिन उज्जैन के छत्री चौक क्षेत्र स्थित मां बिजासन मंदिर में एक अद्भुत घटना घटी। यहां एक बंदर ने मंदिर में प्रवेश कर माता की प्रतिमा के सामने दंडवत प्रणाम किया और वहीं अपने प्राण त्याग दिए। इस दृश्य का वीडियो और एक फोटो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे लोग आस्था से जोड़कर श्चमत्कारश् बता रहे हैं।
मंदिर में नियमित रूप से पूजन-अर्चन करने वाले श्रवण कुमार उज्जैनिया के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल की है। उन्होंने बताया कि रामनवमी के दिन वे मंदिर में पूजन की तैयारियों में व्यस्त थे। तभी पास में रहने वाले एक लड़के ने आकर बताया कि एक बंदर मंदिर के भीतर माता जी के सामने बैठा है।
जब मंदिर पहुंचे तो देखा कि बंदर मूर्छित अवस्था में दंडवत मुद्रा में प्रतिमा के सामने पड़ा था। पानी पिलाकर और हिलाकर देखने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद उसे मृत मानकर मंदिर परिसर से बाहर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर में प्रवेश से पहले बंदर कुछ समय तक मंदिर के शिखर पर लगी ध्वजा के पास बैठा रहा। इसके बाद वह मंदिर में घुसा और सीधे गर्भगृह तक पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने मां बिजासन को प्रणाम किया और तत्काल ही अपने प्राण त्याग दिए।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बंदर को पहले कभी मंदिर परिसर में नहीं देखा गया था। उनका मानना है कि वह माता का सच्चा भक्त था, जिसने जीवन के अंतिम क्षण मां के चरणों में बिताए।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच गए। मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक उसका अंतिम संस्कार किया। घटना से जुड़ा वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखने के बाद लोग इसे आस्था से जोड़कर एक अलौकिक घटना मान रहे हैं।