चित्तौड़गढ़। सावित्री बाई फुले विकास सेवा संस्थान चित्तौड़गढ़ के तत्वाधान में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष हेमराज करोड़ीवाल ने की, वहीं समारोह में क्षेत्र के सम्मानित समाजजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर महात्मा फुले के समाज सुधारक कार्यों को स्मरण करते हुए उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला गया।
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर महात्मा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और केंद्र सरकार से मांग की कि समाज सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले फुले दंपत्ति दृ महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले दृ को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि फुले दंपत्ति ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय की दिशा में जो कार्य किए, वे आज भी मार्गदर्शक हैं।
संस्थान के महामंत्री कन्हैयालाल मावर ने इस अवसर पर बताया कि महात्मा फुले एक दूरदर्शी चिंतक थे जिन्होंने उस समय की कठोर जाति व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों को चुनौती दी। उन्होंने न केवल स्त्रियों के लिए विद्यालय खोले बल्कि पिछड़े वर्गों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया।
समारोह में जिला कलेक्ट्रेट संस्थापन अधिकारी किशन लाल माली, आल इंडिया सैनी सेवा समाज के प्रदेश महामंत्री राजन माली, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रकाश माळी, सावित्री बाई फूले विकास सेवा संस्थान के महामंत्री कन्हैया लाल दगदी कीर खेडा,शिव धुवारिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नंदलाल दगदी कीर खेडा, रतन दगदी, पूर्व सभापति सुशील शर्मा, पूर्व उप सभापति भरत जागेटिया,पूर्व पार्षद भोलाराम प्रजापत,नवीन पटवारी पूर्व महामंत्री ओम शर्मा, अनिल ईनाणी, गोपाल जाजू, गोपाल शर्मा, सुनील मंडोवरा, पार्षद बालकिशन भोई व रेशमा भोई, मां भारती सेवा संस्थान से योगेन्द्र पाल सिंह, विजय कुमार माली, नाहर सिंह चौहान, पूर्व पार्षद अरुण कंडारा, पूर्व पार्षद बालमुकुंद मालीवाल, संजय रैगर,हेमंत गांछा, राजेश मोची, बोथलाल,संस्था कोषाध्यक्ष रामेश्वर माली, लादूलाल माली, आशीष दगदी, किशन महावर, रतन दगदी, चुन्नीलाल, दिनेश करोड़ीवाल, राहुल करोड़ीवाल,दुर्गा शंकर करोड़ीवाल, धीरज करोड़ीवाल,शोभाग जादम, बाबूलाल दय्या,हरलाल,प्यार चंद जादम, भेरूलाल महावर, ज्ञानमल महावर,सांवरिया करोड़ीवाल, शंकर लाल गोयल, दिनेश सैनी, रतन लाल बनेटिया, कमलेश तुरकलिया, विनोद कछवाहा सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा फुले के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनके सिद्धांत आज के सामाजिक परिदृश्य में भी मार्गदर्शन करते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को महापुरुषों की विचारधारा से जोड़ना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। समारोह में समाज सुधार एवं शिक्षा के क्षेत्र में फुले दंपत्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया गया।