नीमच। शहर के स्वामी विवेकानंद पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनभागीदारी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विश्व देव शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अहिल्याबाई की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा ने अहिल्या बाई को असाधारण शासिका बताया। उन्होंने अहिल्याबाई के सामरिक और कूटनीतिक कौशल की विशेषताएं बताईं। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता प्रो. सुरेन्द्र सिंह शक्तावत ने अहिल्याबाई के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक विचारों को विश्व के शासकों के लिए अनुकरणीय बताया। प्रोफेसर रचना राजौरा ने उनकी कर और लगान वसूली व्यवस्था की जानकारी दी।
डॉ. संजय जोशी ने अहिल्याबाई के जल प्रबंधन कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिला उत्थान के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा की। महेश्वर में हथकरघा और महेश्वरी साड़ी उद्योग की स्थापना का उल्लेख किया। वर्तमान इंदौर को अहिल्याबाई के सपनों का शहर बताया गया। कार्यक्रम में विद्वानों ने अहिल्याबाई के लोक कल्याणकारी कार्यों पर विस्तृत चर्चा की।