शाजापुर। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय शाजापुर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में ग्राम देवलाबिहार तहसील गुलाना के ग्रामीणों ने एक गंभीर भूमि विवाद को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने बताया कि वे सर्वे क्रमांक 2452 की शासकीय भूमि पर बीते 40 से 45 वर्षों से काबिज हैं और वहां पर उनके टापरे एवं मकान बने हुए हैं, जिनमें वे परिवार सहित निवास कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत देवलाबिहार द्वारा द्वेषभावना से प्रेरित होकर उक्त भूमि पर शासकीय स्कूल निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि ग्राम में स्कूल निर्माण के लिए अन्य वैकल्पिक शासकीय भूमि उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इस भूमि पर निर्माण कार्य होता है तो वे सभी बेघर हो जाएंगे और उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
प्रार्थियों में मोहन पिता स्व. पदमलाल, विक्रम पिता स्व. मांगीलाल, भेरूलाल पिता स्व. पर्वतलाल, गोविन्द पिता मांगीलाल सहित अन्य ग्रामवासी शामिल हैं। इनका कहना है कि संबंधित भूमि को समतल करने में उन्होंने लाखों रुपये का खर्च किया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे क्रमांक 2452 पर स्कूल निर्माण की योजना को रोकते हुए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर निर्माण कार्य कराया जाए, जिससे उन्हें बेघर होने की नौबत न आए।