मुरैना। बैरियर स्थित डा. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम का जीर्णाेद्धार हो तो रहा है, लेकिन निर्माण काम कछुआ गति के साथ-साथ हल्की गुणवत्ता के भी हो रहे हैं। करोड़ों रुपये में बन रहा सिंथेटिक ट्रैक निर्माण पूरा होने से पहले ही उधड़ने लगा है। बारिश ने इसकी गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। खेल विभाग के अफसर इसे लेकर कुछ बोलने तक को तैयार नहीं।
गौरतलब है, कि सालों से जर्जरहाल पड़े मुरैना के इकलौते स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग 10 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इस राशि से बेटमिंटन, टेबल टेनिस, केरम, बिलियडर्स जैसे इनडोर गेम्स के लिए बड़ा हाल बनाया गया है। इसके अलावा क्रिकेट, बालीबाल, फुटवाल, हाकी जैसे खेलों के लिए हरा-भरा ग्राउंड तैयार किया जा रहा है, तो दौड़ प्रतियोगिताओं के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनाया जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे काले रंग के सिंथेटिक कोर्ट का काम पूरा नहीं हो पाया, उससे पहले ही बारिश से कई जगह सिंथेटिक कोर्ट उखड़ चुका है, जिसके कारण जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं।
वही दूसरी और आउडडोर और इनडोर जिम हुईं कबाड़
स्टेडियम के एक हिस्से में लगभग दो लाख रुपये की लागत से करीब ढाई साल पहले आउटडोर जिम बनाई गई है। जब यह िजिम बनी उसके कुछ दिन बाद ही स्टेडियम में निर्माण काम शुरू हो गए, जिसके कारण खिलाड़ियों से लेकर सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों का आना बंद कर दिया गया। नजीता यह हुआ, कि आउटडोर जिम के स्थान पर झाड़ियां उग आई हैं, जंग लगने से लोहे के उपकरण खराब हो चुके हैं। इसी स्टेडियम में एक हाल में इनडोर जिम हैं, जो 10 लाख रुपये में बनी है, इसमें कसरत करने की आधुनिक मशीनें व सामान है, लेकिन इस जिम में किसी को प्रवेश नहीं मिलता। कारण यह है, कि जिम की फीस तो 200 रुपये महीने निर्धारित थी, लेेकिन स्टेडियम के कर्मचारी 600 रुपये महीने की मांग करते हैं, इसलिए लोगों ने इस जिम से दूरी बना ली है।
वहीबाबू पर लगे गंभीर आरोपों की शिकायत के लिए आईं डिप्टी डायरेक्टर
मुरैना खेल विभाग में पदस्थ बाबू दिलीप माहौर के खिलाफ महिला हाकी कोच ने शिकायत की थी, जिसमें सहायक ग्रेड तीन दिलीप माहौर पर प्रताड़ित करने से लेकर कई अन्य गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी करवाने वाले ट्रेनर जोगेंद्र सिंह गुर्जर ने भी कई अनियमितता व मनमानी की शिकायत की थी, जिनमें खेल सामग्री नहीं देने, जिम में अवैध वसूली जैसी शिकायतें हैं। इन शिकायतों के बाद बाबू दिलीप माहौर पर विभागीय जांच बैठी है, जिसकी जांच करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग की डिप्टी डायरेक्टर शर्मिला डाबर मुरैना आईं। डिप्टी डायरेक्टर ने महिला हाकी कोच, जोगेंद्र गुर्जर से लेकर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के बयान लिए। इसी जांच के बाद आरोप लगे कि, डीडी शर्मिला डाबर जिस होटल में रुकी थीं, वहां जाकर बाबू दिलीप माहौर पहले ही मिल आया, इसकी भी जांच हो, नहीं तो जांच प्रभावित होगी।
वही शर्मिला डाबर सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग बताया ने सहायक ग्रेड तीन दिलीप माहौर के खिलाफ हाकी कर्मचारी व जोगेंद्र सिंह गुर्जर की शिकायतों पर विभागीय जांच बैठी है, उसी की जांच करने आई हूं। संबंधितों के बयान लिए जा रहे हैं, उसके बाद विभाग को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।