सरवानियां महाराज। जनपद पंचायत जावद की ग्राम पंचायत आमलीभाट के अंतर्गत ग्राम ढाबा की संवेदनशील पुलिया, जिसे स्थानीय लोग मौत की पुलिया कहते हैं, एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 2023 में विधायक निधि से स्वीकृत 1 लाख की राशि में से 62,165 का भुगतान बिना कार्य किए कर दिया गया था, जिसकी शिकायत के बाद पंचायत हरकत में आई और दो वर्षों बाद अब रैलिंग लगाने का कार्य शुरू किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत आमलीभाट के तत्कालीन सचिव एवं सरपंच ने दिनांक 10 जुलाई 2023 को मनासा की एक फर्म को रैलिंग निर्माण के नाम पर 62,165 का भुगतान कर दिया था, जबकि पुलिया पर कोई कार्य नहीं हुआ था। शिकायतें और समाचारों के प्रकाशन के बाद मामला उजागर हुआ, तब जाकर पंचायत ने 24 जून 2025 को दोपहर में आनन-फानन में कार्य प्रारंभ किया।
इस विषय में जनपद पंचायत जावद के पीसीओ पी. मैघवाल ने बताया कि “मामला मेरी जानकारी में आज ही आया है। वर्ष 2023 में एक लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, और राशि आहरित भी की गई थी। आज पंचायत द्वारा पुलिया पर रैलिंग लगाने का कार्य किया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, फिर भी लापरवाही-
गौरतलब है कि इस पुलिया को संवेदनशील इसलिए माना जाता है क्योंकि पिछले 6-7 वर्षों में बरसात के दौरान दो लोगों की पानी में बहकर मौत हो चुकी है। इसके बावजूद पंचायत द्वारा समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। स्थानीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 में ₹1 लाख की राशि विधायक निधि से स्वीकृत की थी, लेकिन पंचायत ने राशि निकालने के बावजूद दो वर्षों तक रैलिंग का कार्य शुरू नहीं किया।
अब जब मामला उजागर हुआ है, तो अचानक रैलिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सवाल यह है कि दो साल तक कार्य नहीं करने की मानसिकता और राशि आहरण के बाद की गई लापरवाही जांच का विषय बन गई है। जनहित से जुड़ा यह मामला अब उच्च स्तर पर जांच की मांग कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से आमजन की जान को खतरा न हो और जनप्रतिनिधियों की मंशा के अनुरूप कार्य समय पर हो।