इंदौर। इंदौर-देवास रोड पर लगातार 32 घंटे से चल रहे भीषण जाम के कारण शाजापुर निवासी एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति की जान चली गई। मृतक की पहचान बलराम पटेल के रूप में हुई है, जो शाजापुर जिले के तिलावत मेना गांव के निवासी थे। शनिवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजन उन्हें इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के लिए ले जा रहे थे। लेकिन इंदौर-देवास रोड पर भारी जाम में फंस जाने के कारण वे समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए। इलाज में देरी के चलते बलराम पटेल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार, बलराम पटेल कैंसर से पीड़ित थे और उनका इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में पहले से चल रहा था। डॉक्टरों ने भी उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी थी, लेकिन जाम में फंसने से यह संभव नहीं हो सका। यह दुखद घटना इंदौर-देवास रोड पर जाम की विकराल समस्या को उजागर करती है, जो आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
बलराम पटेल की असमय मृत्यु से उनके परिवार में शोक की लहर है। परिजनों ने इस त्रासदी के लिए जाम व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है और न्याय की मांग की है।