मुरैना। ट्रैफिक की लाल बत्ती में स्कूटी लेकर घुसने पर यातायात आरक्षक ने एसआई के बेटे को गाली दी फिर चांटा मार दिया। इसके बाद एसआइ का बेटा ऐसा आक्रोशित हुआ, कि बीच सड़क पर आरक्षक का गिरेवान पकड़कर बुरी तरह पीटा। इस घटना के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। देर रात कोतवाली थाने में एसआइ के बेटे पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट का केस दर्ज किया गया, लेकिन दूसरे पक्ष की सुनवाई थाने में नहीं हुई।
संजय कालोनी निवासी और दिल्ली पुलिस के एसआइ धीरेंद्र चौहान सोमवार की शाम अपने बेटे गौरव को लेकर एटीएम से पैसे निकालने आए। स्कूटी चला रहा गौरव एसआइ पिता से बात करते जा रहा था और इस दौरान वह राधिका पैलेस चौराहा पर लाल बत्ती को तोड़कर थोड़ा आगे निकलकर चौराहा पर आ गया। मौके पर तैनात यातायात आरक्षक जयराम परमार से गौरव की कहासुनी हो गई, कुछ ही देर में दोनों में विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है, कि गौरव चौहान, आरक्षक का गिरेवान पकड़कर उसकी झूमाझपटी कर रहा है, पास में ही यातायात टीआइ संतोष भदौरिया भीड़ में खड़े दिख रहे हैं। गौरव और उसके एसआइ पिता का कहना है, कि यातायात आरक्षक जयराम परमार ने ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर आते ही गाली दी, गाली पर टोका तो चांटा मार दिया। इसके बाद गौरव ने भी मारपीट शुरू कर दी। इस घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें गौरव चौहान आरक्षक जयराम परमार का कालर पकड़े हुए है। इस दौरान यातायात टीआइ संतोष भदौरिया गौरव को रोकने का प्रयास करते हैं, तो गौरव कहता है कि तब आप कहां थे, जब यह आरक्षक मुझे मार रहा था। यह सुनकर टीआइ भी किनारे होते दिखते हैं, यानी आरक्षक परमार ने पहले मारपीट की है। इसके बाद गौरव चौहान, आरक्षक जयराम के सिर में अपने सिर से प्रहार करता है। इसी वीडियो में दिख रहा है, कि एक यातायात थाने का एक अन्य आरक्षक गौरव चौहान को लात मार रहा है। उधर आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर रोकने के कारण मारपीट के आरोप लगाए। राधिका पैलेस चौराहा पर करीब आधा घंटा और फिर कोतवाली में दो घंटे से ज्यादा चले घटनाक्रम के बाद गौरव चौहान पर मुकदमा दर्ज किया गया।
वही इस मामले में एसआइ के बेटे गौरव चौहान का कहना है, कि वह पिता से बात करते हुए गलती से लाल बत्ती से आगे निकल गया। यातायात आरक्षक जयराम परमार ने ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर आते ही गाली दी, गाली पर टोका तो चांटा मार दिया। इसके बाद पिता से अभद्रता की। एक अन्य आरक्षक अमरेंद्र सिंह ने भी मेरे साथ मारपीट की। तब मुझसे रहा नहीं गया और आरक्षक का गिरेवान पकड़ लिया वहीं इस मामले में सीएसपी दीपाली चंदौरिया ने कहा कि ट्रैफिक थाने की चेकिंग लगी थी। एक स्कूटी सवार ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर जा रहा था, आरक्षक ने रोका तो उग्र होकर उसके साथ मारपीट की, शासकीय कार्य में बाधा डाली। उक्त युवक पर एफआइआर की है, अगर आरक्षक द्वारा मारपीट की गई है तो उसका वीडियो सामने नहीं आया है, ऐसा है तो उसकी भी जांच की जाएगी।