दतिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दतिया अरविंद उपाध्याय के मार्गदर्शन में आज शनिवार को बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम हेतु 20 दिवसीय जागरूकता अभियान प्रथम चरण के तहत जिला बाल संरक्षण ईकाई एवं विशेष किशोर पुलिस ईकाई के संयुक्त दल द्वारा पीताम्बरा मंदिर दतिया पर बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान का संचालन किया गया। कार्यवाही के दौरान चार बच्चे अपने परिजनों के साथ भिक्षावृत्ति करते हुए पाए गए। दल द्वारा बच्चों केा रेस्क्यू कर बाल संरक्षण समिति दतिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां पर बच्चों के परिजनों से बच्चों के दस्तावेज प्राप्त किए गए एवं परिजनों को तथा मंदिर के आसपास उपस्थित जन सामान्य को किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल भिक्षावृत्ति कानूनन अपराध है।
उन्होंने बताया कि बच्चों से भीख मंगवाना अधिनियम की धारा 76 के तहत दंडनीय अपराध है। जिसमें भीख मांगने के प्रयोजन के लिए बालक को नियोजित करने या किसी बालक से भीख मंगवाने पर 5 वर्ष का कारावास और 1 लाख रूपये के दंड का प्रावधान है। बच्चों के विकास के लिए आवश्यक है कि उन्हें नियमित विद्यालय भेजा जाए उनकी उचित ढंग से शिक्षा पालन पोषण किया जाए। साथ ही उनकी उचित ढंग से शिक्षा और पालन पोषण किए जाने हेतु बच्चों के माता-पिता को चेतावनी दी गई तथा शासकीय योजनाओं से लाभ प्राप्त करने हेतु माता-पिता को समझाईश देकर काउंसलिंग की गई। साथ ही आवश्यक दस्तावेज बाल संरक्षण कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु भेजा गया। जिसमें बच्चों को शिक्षा एवं पोषण हेतु शासन की सहायता प्रदान की जा सके।
कार्यवाही के दौरान बाल संरक्षण समिति सदस्य संतोष तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी धीर सिंह कुशवाह, बृजेन्द्र सिंह कौरव, आकाश श्रीवास्तव, मनीष शर्मा, यशदीप सिंह राजपूत, आमिर खान, विशेष किशोर पुलिस इकाई अनीता शर्मा हेमलता रावत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।