मंदसौर। जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम साबाखेड़ा से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में कोबरा सांप नजर आ रहे हैं। मामला शुक्रवार रात का है, जब ग्रामीण गोपाल दायमा ने अपने कुएं के पास स्थित बाड़े में खोखली जमीन से निकलते कई सांपों को देखा। घबराए गोपाल ने तुरंत स्थानीय सांप रेस्क्यू एक्सपर्ट दुर्गेश पाटीदार (पुत्र घिसालाल पाटीदार) को सूचना दी। दुर्गेश पाटीदार मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक कोबरा प्रजाति के लगभग 40 बच्चों को सुरक्षित पकड़कर एक डिब्बे में रखा। इसके बाद सभी सांपों को जंगल के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
प्रजनन काल में सक्रिय होते हैं कोबरा
सांप विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समय कोबरा सांपों के प्रजनन का मौसम होता है, जो विशेष रूप से मानसून के दौरान सक्रिय होता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं आम हो जाती हैं।
इस संबंध में फॉरेस्ट अधिकारी संजय रायखेरे ने बताया कि उन्हें साबाखेड़ा गांव में कोबरा के बच्चों के मिलने की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन बरसात के मौसम में फीमेल कोबरा 20 से 40 अंडे देती है, और अंडों से निकलने के बाद वह बच्चों को छोड़ देती है। नवजात सांप खुद ही अपने जीवन के लिए संघर्ष करते हैं।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
प्राकृतिक रूप से कोबरा सांप जहरीले होते हैं। विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि सावधानी बरतें, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को खुले मैदान या झाड़ियों के पास जाने से रोका जाए। किसी भी संदिग्ध हलचल या सांप दिखने पर तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें।