छतरपुर। जिले की राजनगर विधानसभा अंतर्गत उर्मिल नदी किनारे के गांव डिगोनी, तलगाव सहित कई गांवों में हाल ही में आई अतिवृष्टि और जलभराव के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सैकड़ों बीघा खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने बताया कि न केवल वर्तमान फसल का नुकसान हुआ है, बल्कि खेतों की उर्वरक मिट्टी भी बहकर नालों में चली गई, जिससे आगामी बुवाई भी संकट में आ गई है।
किसानों ने रोते हुए बताया कि खेतों में एक-एक हाथ गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे भूमि की समतलता खत्म हो गई है और खेत दोबारा खेती के लायक नहीं बचे हैं। उनका कहना है कि ऐसे हालात में आने वाली फसल की बुवाई नहीं होगी परिवार कैसे चलेगा।
किसानों ने प्रशासन से तुरंत सर्वे कराकर राहत राशि और मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर मदद नहीं मिली तो हजारों किसान आर्थिक संकट में फंस जाएंगे और कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल स्थिति का जायजा लेकर राहत कार्य शुरू किया जाए। साथ ही खेतों की मरम्मत, उर्वरक मिट्टी की आपूर्ति और बीज वितरण जैसे उपायों की भी मांग की गई है, ताकि किसान पुनः खेती की ओर लौट सकें।
राजनगर विकास खंड कृषि विकास अधिकारी वी के श्रीवास्तव ने बताया कि बहुत जल्द सर्वे करके रिपोर्ट शासन प्रशासन तक पहुंचा दी जाएगी किसान के नुकसान की भरपाई शासन प्रशासन के आदेश के अनुसार होगी।