चीताखेड़ा। पूरे देश में शुक्रवार को 79 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्वक मनाया जा रहा था। ठीक वैसे ही चीताखेड़ा में भी मनाया जा रहा था पर मनाने का तरीका यहां अलग था। स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच पर कविता, देशभक्ति गीत, नृत्य, भाषण आदि कार्यक्रमों की स्कूलों में एक -एक महिने पूर्व से ही संस्था के शिक्षकों द्वारा छोटे-छोटे बच्चों से तैयारियां करवाते हैं।- मंच पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा नहीं रखी गई नागेश्वर राठौर व नवनीत सेन के विरोध के बाद तस्वीर रखी गई एक टीचर विनोद माली का कहना था हम लोग 26 जनवरी को ही अंबेडकर जी की तस्वीर रखते हैं ऐसे टीचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बच्चे और उनके अभिभावकों को बड़ा उत्साह रहता है। लेकिन ऐसे मौके पर मंच पर राजनीतिक लोग अतिथि के रूप में बैठते हैं उनके भाषण के चक्कर में छोटे-छोटे बच्चों की मासूमियत और मुस्कान हर दिल को गौरवान्वित करने के बजाए तनिक भी रहम नहीं आया और खुले आसमान के नीचे इतनी तेज गर्मी में परेशान बच्चों को भाषण सुना रहे थे जबकि इनके भाषणों से बच्चों को कोई मतलब नहीं। बच्चों के कविता, भाषण, देशभक्ति गीत नृत्य आदि की तैयारियां धरी की धरी रह गई समय भाषण बाज जनप्रतिनिधियों ने व्यर्थ कर दिया। उदास बच्चे और उनके अभिभावकों को निराश होकर लौटना पड़ा।