उज्जैन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 7 अगस्त को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया था। राहुल ने स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए वोट चोरी और फर्जी वोटिंग का आरोप लगाए। राहुल ने कहा था कि वोट चोरी का एक मॉडल पेश किया गया, जो देश की कई लोकसभा और विधानसभा सीटों में लागू हुआ।
उनके इस आरोप के बाद नागदा-खाचरोद से कांग्रेस के तीन बार के विधायक रहे दिलीप गुर्जर ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि 2013 में नरेंद्र मोदी को पांच राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसी साल नागदा में 36 हजार वोटर बढ़ गए थे और 10 हजार लोगों के नाम काट दिए गए थे।
उसी चुनाव के नतीजों में मैं 16 हजार वोट से हारा था। इसके बाद अगले चुनाव में मैंने निजी एनजीओ से सर्वे करवाया, जिसमें हजारों फर्जी मतदाता मिले। एक ही पते पर रहने वाले वोटर पाए गए। इन सभी के नाम कटवाए तो मैं 5 हजार वोट से जीता।
पूर्व विधायक का दावा- 2018 में हजारों फर्जी वोटर पकड़े
नागदा-खाचरोद से पूर्व कांग्रेस विधायक दिलीप गुर्जर ने आरोप लगाया कि 2018 विधानसभा चुनाव से पहले एक एनजीओ से वोटर लिस्ट घर-घर जाकर चेक करवाई तो पता चला कि सैकड़ों घरों में हजारों मतदाताओं के नाम फर्जी रूप से चढ़ा दिए गए थे। इसके बाद आयोग में इसकी शिकायत की तो कई नाम काट दिए गए। चुनाव में मेरी जीत 5 हजार वोटों से हुई।
दिलीप गुर्जर ने दावा किया कि 2023 के चुनाव परिणाम में बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने परिणाम आने से पहले ही, 30 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर बता दिया था कि कौन कितने वोट से जीत रहा है। उनकी डाली पोस्ट में 93,000 वोट बीजेपी के तेजबहादुर सिंह, 77,000 वोट कांग्रेस के दिलीप गुर्जर और 8,364 वोट निर्दलीय को मिलने की बात लिखी गई थी।
परिणाम 3 दिसंबर को आए। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने परिणाम ट्वीट कर मामले को उजागर किया था और बताया था कि बीजेपी नेता को परिणाम पहले से पता थे। परिणाम में बीजेपी के तेजबहादुर सिंह को 93,552 और कांग्रेस के दिलीप गुर्जर को 77,625 वोट मिले थे। मतलब, बीजेपी के उम्मीदवार को मिले वोट में 552 का अंतर और कांग्रेस के उम्मीदवार को मिले वोट में 625 का मामूली अंतर था।
दिलीप गुर्जर ने आरोप लगाया कि 2013 में मतदाता लिस्ट के अंतिम प्रकाशन में 36 हजार वोटर बढ़ गए थे, लेकिन 2018 में मात्र 18 हजार वोटर बढ़े। खास बात यह रही कि 6 पोलिंग बूथ पर वोटर बढ़ने के बजाय कम हो गए।
65 पोलिंग बूथ ऐसे थे, जिनमें 1 से लेकर 50 तक ही मतदाता बढ़े थे। उस दौरान इस बात की शिकायत गुर्जर ने चुनाव आयोग से की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। अब गुर्जर यह मामला राहुल गांधी तक पहुंचा रहे हैं और मध्य प्रदेश में हुई वोट चोरी का भी खुलासा करने का दावा कर रहे हैं।