नीमच। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आगामी 1 सितंबर को नीमच दौरे और उनके द्वारा पूर्व में महिलाओं को लेकर दिए गए कथित विवादित बयानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा आक्रामक रुख अपनाए हुए है। शनिवार को भाजपा कार्यालय तपोभूमि पर महिला मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें जिलाध्यक्ष वन्दना खंडेलवाल सहित पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में इस बात पर गहरी आपत्ति जताई गई कि कांग्रेस नेता पटवारी द्वारा बहनों और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक व असंवेदनशील शब्दों का प्रयोग किया गया।
महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं-
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि भारत संस्कारों वाला देश है, जहां बेटियों और बहनों को सर्वाेच्च सम्मान दिया जाता है। लेकिन कांग्रेस नेताओं की भाषा और सोच महिलाओं का अपमान करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कभी कहते हैं कि लाड़ली बहनों को बोरी में भर देंगे तो कभी कहते हैं कि मध्य प्रदेश की महिलाएं शराब पीती हैं, और राहुल गांधी की मौजूदगी वाले मंच से प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माता के लिए भी आपत्तिजनक शब्द कहे जाते हैं। यह सब कांग्रेस की विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता महिलाओं का अपमान करते हैं-
भाजपा की जिलाध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि हमारे घरों में भी बेटियां, बहनें हैं। क्या हमारी बेटियां शराब पीती हैं? क्या हमारे घर में ऐसा वातावरण है? नहीं। हमारी सरकार बहनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए लाडली बहना योजना जैसी योजनाएं चला रही है, जबकि कांग्रेस नेताओं के बयान महिलाओं का अपमान कर रहे हैं।
काले झंडे दिखाएंगे, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-
महिला मोर्चा ने साफ कहा है कि जीतू पटवारी के नीमच आगमन पर भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे और उन्हें काले झंडे दिखाएंगे। जिला अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि रणनीति का पूरा खुलासा अभी नहीं किया जा सकता। लेकिन आप देखेंगे कि भाजपा का हर मोर्चा- महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अन्य सभी इकाइयाँ मिलकर पटवारी का लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध करेंगी।
प्रदेश अध्यक्ष को वाणी की गरिमा रखनी चाहिए-
महिला मोर्चा ने दो टूक कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कोई साधारण पद नहीं है, यह पार्टी की गरिमा और दिशा तय करता है। इसलिए इस पद पर बैठे व्यक्ति को भाषा और आचरण की मर्यादा रखनी चाहिए। आज मैं जिला अध्यक्ष हूँ, क्या मैं जो मन चाहे बोल दूँ? ऐसा संभव नहीं। प्रदेश अध्यक्ष को समझदारी और गरिमा के साथ अपनी बात रखना चाहिए। मध्य प्रदेश की हर महिला हमारी बहन है। उनके लिए गलत शब्द कहना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
महिलाओं से माफी मांगे पटवारी-
महिला मोर्चा ने मांग की है कि जीतू पटवारी तुरंत सभी बहनों और महिलाओं से अपने कथनों के लिए माफी मांगें। यदि माफी नहीं मांगी गई तो महिलाएं, जो आज प्रदेश की आधी आबादी हैं, आने वाले समय में कांग्रेस और पटवारी को सबक सिखाने में देर नहीं करेंगी।
भाजपा का आरोप- कांग्रेस की सोच दिवालिया
बैठक में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस लगातार महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रही है। इससे साफ है कि कांग्रेस महिलाओं को सम्मान नहीं देना चाहती। भाजपा सरकार ने महिलाओं के आत्मसम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं चलाई हैं, जबकि कांग्रेस सिर्फ अपशब्द बोलकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।