नीमच। जिले में अतिवृष्टि से सोयाबीन बर्बाद हो गई है, किसान सर्वे, मुआवजा और बीमा की राशि की मांग कर रहे हैं, लेकिन सांसद और विधायकों को किसानों की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है। अतिवृष्टि से फसले बर्बाद हो चुकी है, किसान त्रस्त है, पर सांसद विधायक भुट्टे खाने में मस्त है।
यह आरोप शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश अहीर ने प्रेसनोट जारी कर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से किसानों की सोयाबीन की फसल को बर्बाद कर दिया है। लगातार बारिश जलभराव और पीला मोजेक नाम की बीमारी से क्षेत्र में लगभग 100 प्रतिशत से ज्यादा सोयाबीन की फसल बर्बाद हो चुकी है। जो फसल 10 दिन पहले तक हरी भरी थी लगातार बारिश से जड़ गलन से सोयाबीन की फसल आज पूरी तरीके से खराब हो चुकी है। अब किसान सरकार की ओर आंखें गड़ाए देख रहा है। जरूरत तत्काल सर्वे होने और बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा और बीमा राशि देने की है, जिससे किसान अगली फसल की तैयारी कर सके।
खेतों की तरफ झांक भी नहीं देखा सांसद-विधायक ने-
शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अहीर ने कहा कि अतिवृष्टि से पूरे जिले में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। रोजाना खराब फसलों को लेकर किसान कलेक्टर और तहसील कार्यालय पहुंच रहे और तत्काल सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं, जिसका असर कलेक्टर पर हुआ, तो वे खुद मैदान में उतर गए, पर क्षेत्र के सांसद और विधायकों के हालात यह है कि उन्होंने अभी तक किसी भी किसान के खेत में पहुंच कर नहीं देखा कि किसानों की पीड़ा क्या है।
फसल नुकसानी पर दें प्रति हेक्टेयर 50 हजार रूपए का मुजावजा-
अहीर ने कहा कि लगातार बारिश पूरे में खेतों में पानी भर गया है। इससे सोयाबीन, मूंगफली और मक्का की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने कर्ज लेकर बीज, खाद और कृषि कार्यों पर खर्च किया था। लेकिन अतिवृष्टि ने किसानों की सारी मेहनत बर्बाद कर दी। खेतों में अब हरी फसल का कोई निशान नहीं बचा है, जिधर देखा, तो उधर पीली पड़ चुकी है। अहीर ने मांग करते हुए कहा कि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को फसल नुकसान पर प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की सहायता राशि मुआवजा के रूप में तत्काल दी जाए, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे।