देवेन्द्र सिंह राजपुत/संवाददाता
मुरैना। शक्कर कारखाने को चालू कराने को लेकर आयोजित की गई, रविवार को जीवाजी गंज में किसान मजदूर संघ द्वारा की महापंचायत में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकट सहित किसान और कांग्रेस सहित कई पार्टियों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, इस दौरान बीजेपी और बीजेपी के घटक दल आरएसएस पर जमकर किसान और कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेता बरसे,
दरअसल, जिले के कैलारस में स्थित शक्कर कारखाने को बंद हुए 15 साल बीत चुके हैं। और अब सरकार ने एक निर्णय लिया है कि, इसकी जमीन को एमएसएमई को दी जाए, उधर किसानो के द्वारा लगातार इस शक्कर कारखाने को चालू करने की मांग जारी है। इतना ही नहीं बल्कि लंबे समय से शक्कर कारखाना चुनावी मुद्दा भी बनता रहा है। चाहे फिर भाजपा की बात हो या फिर कांग्रेस दोनों ही पार्टी चुनाव के समय पर शक्कर कारखाने को चालू कराने का मुद्दा बनाती है। और इसके नाम पर वोट भी पार्टियों को मिलता है। लेकिन अभी तक इस शक्कर कारखाने को चालू करने के लिए किसी भी पार्टी ने योगदान नहीं दिया है यही वजह है कि, अब इस शक्कर कारखाने को लेकर के क्षेत्र के किसान और कांग्रेस के विधायक के द्वारा जीवाजी गंज में महापंचायत की गई, इस पंचायत में किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के अलावा राज्यसभा सांसद अशोक सिंह और बादल सरोज मौजूद रहे, इसके बाद सभी ने बारी-बारी से मंच साझा किया और बीजेपी पर जमकर बरसे इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, सरकार से हमारी कोई शिकायत नहीं है विधायक से हमारी कोई शिकायत नहीं है लेकिन जो झूठे वादे करते हैं उनसे हमारी शिकायत है नरेंद्र सिंह जी ने कई बार झूठे वादे किए चुनाव के समय पर शक्कर कारखाने को चालू करने के इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी वादा किया इस बात का विरोध करते हैं इतना ही नहीं बल्कि नरेंद्र सिंह जी चाहते तो प्रदेश में तो क्या लेकिन देश के कृषि मंत्री रहे थे लेकिन उन्होंने इस शक्कर कारखाने को चालू कराना उचित नहीं समझा इसके अलावा किसान नेता राकेश टिकैत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, कहते हैं सरकार ने जो पत्र लिख दिया वह वापस नहीं होता लेकिन हम कहते हैं। सब वापस हो जाता है सरकार तीन काले कानून लाई थी। हमने आंदोलन किया और सरकार को वापस लेना पड़ा तो इसके लिए भी आंदोलन करने पड़ेंगे और मैं तो कहता हूं कि अपने हथियार लेकर चलना चाहिए और अपना हथियार है ट्रैक्टर इसलिए ट्रैक्टर से चलना चाहिए और यह सरकार किसानों को भ्रमित कर रही है। जिससे कि किसान जमीन को बेचे और उनके सहयोगी जो पूंजीपति लोग हैं वह खरीदें लेकिन मैं कहता हूं। इस सरकार के बहकावे में नहीं आना है। सरकार तो चाहती भी यही है की जमीन में घाटा है लेकिन घाटा जमीन में नहीं है घाटा तो दिल्ली की कलम में है।
आरएसएस को लेकर के बोले राकेश टिकैत, उन्होंने कहा है कि, हमको लड़ा दिया धार्मिक बाद में, हमको लड़ा दिया जातिवाद में और उत्तर प्रदेश में हिंदू मुस्लिम पर लड़ा दिया सबको, महाराष्ट्र में भाषा पर लड़ा दिया। की मराठी ही बढ़िया हैं। हमारे गांव के मंदिर और हमको ही हिंदू नहीं मानते हमने कहा हम पूजा पाठ करें हैं। अंडा मीट नहीं खाते लेकिन आरएसएस कहती है कि, नहीं नहीं आप सरकार के खिलाफ हो आप हिंदू नहीं हो....सर्टिफिकेट लेने जाना पड़ता है नागपुर अब नागपुरिया सर्टिफिकेट हमको तो चाहिए नहीं यह बर्बाद कर देगा सबको नागपुरिया सर्टिफिकेट.... इससे बच के रहो।