मोरवन में फैक्ट्री पर संग्राम, आदिनाथ गौशाला के पास आवंटित जमीन पर निर्माण की तैयारियां शुरू होते ही ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध, पढ़े खबर रवन। मोरवन क्षेत्र में प्रस्तावित टेक्सटाइल फैक्ट्री को लेकर विरोध तेज हो गया है। शानन कंपनी द्वारा आदिनाथ गौशाला के पास आवंटित जमीन पर फैक्ट्री निर्माण की तैयारी शुरू होते ही स्थानीय ग्रामीणों और आस-पास के गांवों के लोगों ने तीखा विरोध दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री स्थल पर बाउंड्री वॉल का कार्य प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रदूषण के खतरे को लेकर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं और दूषित पानी न केवल पर्यावरण प्रदूषण फैलाएगा, बल्कि लोगों को दमा, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि फैक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक जल मोरवन बांध में पहुंचकर उसका पानी पीने और सिंचाई के अयोग्य बना देगा। ग्रामीणों का कहना है कि बांध का पानी सरवानिया धमनियां और जावद क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई के लिए आरक्षित है, न कि औद्योगिक उपयोग के लिए।
गुरुवार दोपहर सैकड़ों ग्रामीण फैक्ट्री स्थल पहुंचे और किसान नेता राजकुमार अहीर एवं जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि पूरणमल अहीर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री कर्मचारियों को काम रोकने की चेतावनी दी।
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार जावद, मोरवन पटवारी, सरवानिया चौकी एवं डीकेन पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि फैक्ट्री का काम तुरंत नहीं रोका गया, तो वे कल से धरना-प्रदर्शन और मोरवन बंद का आह्वान करेंगे।
किसान नेता राजकुमार अहीर ने कहा इतनी बड़ी फैक्ट्री बिना जनसुनवाई के लगाई जा रही है। यहां के किसान बांध के पानी से खेती करते हैं, न कि फैक्ट्री को पानी देने के लिए। हमने सुना है कि 2 फीट बांध का पानी फैक्ट्री को दिया जाएगा, जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। यह जमीन आवासहीन लोगों को दी जानी चाहिए। हम कलेक्टर को ज्ञापन देंगे और आवश्यकता पड़ी तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि पूरण अहीर ने कहा आदिनाथ गौशाला में 800 से अधिक गायें हैं। उनके चरागाह की जमीन 2016 में चोरी-छिपे फैक्ट्री को आवंटित की गई। अब जब निर्माण शुरू हुआ, तब ग्रामीणों को पता चला। यह फैक्ट्री लगना मतलब क्षेत्र में बीमारियों और प्रदूषण को न्योता देना है। हम इस फैक्ट्री का हर स्तर पर विरोध करेंगे, चाहे इसके लिए मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री तक बात पहुंचानी पड़े।
वहीं ग्रामीण इंजीनियर अरविंद जाट ने कहा फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषण बेहद खतरनाक है। आने वाले वर्षों में इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। शासन को हमारी मांगों पर विचार कर इस आवंटन को तुरंत निरस्त करना चाहिए। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मोरवन में अब यह मुद्दा ग्रामीणों की जनभावनाओं से जुड़ गया है और क्षेत्र में फैक्ट्री बनाम पर्यावरण की जंग छिड़ गई है।