नीमच। सरवानिया महाराज स्थित प्राचीन श्री बाबारामदेव जी मंदिर इन दिनों अव्यवस्था और विवादों के केंद्र में है। मंदिर की दुर्दशा और पुजारी परिवार की कथित मनमानी के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने गुरुवार दोपहर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे भारत के तीन प्रमुख श्री रामदेव जी मंदिरों में से दूसरा माना जाता है। यहां से भादवी बीज पर पवित्र ध्वजा रूणिजा धाम भेजी जाती है, लेकिन वर्तमान में मंदिर की स्थिति बेहद दयनीय है।
ज्ञापन में आरोप लगाए गए कि मंदिर में पूजा-पाठ की कोई नियमित समय-सारणी नहीं है और साफ-सफाई की अनदेखी की जा रही है। पुजारी परिवार पर मंदिर की भूमि और सेवाओं पर एकाधिकार जमाने, श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और दर्शन में बाधा डालने के आरोप भी हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर में पीने का पानी, शौचालय, लाइट और सीसीटीवी कैमरे जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही मंदिर के जीर्णाेद्धार, बेहतर रख-रखाव और समुचित प्रबंधन के लिए एक समिति का गठन किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन शीघ्र कदम नहीं उठाता है, तो वे अपनी मांगों को लेकर सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।