नीमच। नीमच-मनासा मार्ग पर रविवार को एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया। इस मार्ग पर एक कार (आरजे 17 सीबी 8145) नीलगाय से टकरा गई, लेकिन गनीमत रही कि कार में सवार दंपति और उनका परिवार सीट बेल्ट लगाए हुए थे, जिसके चलते एयरबैग खुल गए और उनकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में कालीकोटड़ी के एक युवक की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। वहीं सीआरपीएफ के एक जवान की भी सड़क हादसे में जान जा चुकी है। इन लगातार होती घटनाओं ने राहगीरों और श्रद्धालुओं में दहशत पैदा कर दी है।
यह मार्ग मालवा की वैष्णो देवी महामाया भादवा माता मंदिर तक जाता है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालु कहते हैं कि “भादवा माता का आशीर्वाद तो हमें बचा लेता है, लेकिन सड़क की हालत भगवान भरोसे है।
हादसों के प्रमुख कारण-
सड़क किनारों पर घनी झाड़ियां- सड़क के दोनों ओर झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि अचानक आने वाले जानवर जैसे नीलगाय या अन्य वाहन समय पर दिखाई नहीं देते।
सड़क में बड़े गड्ढे- कई जगहों पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि उनमें पूरा टायर समा जाए, जिससे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
सड़क की चौड़ाई और साइड का अभाव- रोड के किनारे भराव न होने से वाहन का सड़क से उतरना खतरे से खाली नहीं।
तेज गति से दौड़ते भारी वाहन - बड़े वाहनों की तेज रफ्तार से आम वाहन चालकों को कठिनाई होती है।
बिना हेलमेट और तेज रफ्तार दोपहिया वाहन - पुलिस द्वारा सख्ती नहीं होने से लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते।
गति अवरोधक नहीं - घनी आबादी वाले गांवों में स्पीड ब्रेकर नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मार्ग की नियमित सफाई, गड्ढों की मरम्मत, गति अवरोधक निर्माण और वाहन चालकों पर सख्त निगरानी की मांग की है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भादवा माता तीर्थ स्थल की ओर जाने वाले इस मार्ग की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी भक्त या आम नागरिक हादसे का शिकार न बने।