चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा बायफ के सहयोग से संचालित समाधान परियोजना के तहत् किसान उत्पादक संगठनों, एफपीओ की वार्षिक आम सभा आयोजित की गयी। चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर की जय चित्तौड़ किसान उत्पादक संगठन की सभा में नाबार्ड के जिला समन्वयक महेन्द्र डुडी, ईफको के मुकेश आमेटा, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के सीएसआर हेड सुदंर राज नायडू बायफ से सुरेन्द्र वर्डिया की उपस्थिती में आयोजित की गयी, बैठक में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एफपीओ के अध्यक्ष राजेन्द्र कीर ने सत्र में जय चित्तौड एफपीओ के दृष्टिकोण और मिशन का एक संक्षिप्त परिचय दिया, जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए व्यावसायिक उपलब्धि पर प्रकाश डाला। साथ ही आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एफपीओ बिजनेस प्लान, निदेशक चुनाव एवं बोनस शेयर वितरण पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में एफपीओ का निदेशक मण्डल उपस्थित था।
समाधान परियोजना द्वारा कंपनी अधिनियम 2013 के तहत एफपीओ की स्थापना कर किसानों को सशक्त बनने की ओर अग्रसर है। ये संगठन कृषि आदानों की खरीद, उत्पादन, कटाई, ग्रेडिंग, एकत्रीकरण और कृषि उपज के विपणन में किसानों का सहयोग करते हैं। कार्यक्रम सामुदायिक संगठनों के पोषण और एफपीओ के नेतृत्व वाले विकास के माध्यम से बाजार आधारित पूर्व और बाद की सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। समाधान पहल के तहत, हिंदुस्तान जिंक ने 6 जिलों में 5 एफपीओ स्थापित किए हैं, जिससे 9 हजार से अधिक शेयरधारक लाभान्वित हुए हैं। चंदेरिया में वित्त वर्ष 2024-2025 में परिचालन शुरू करते हुए,एफपीओ ने शेयरधारक आधार और रुपये के कारोबार के साथ 2 करोड़ से अधिक के टर्नओवर की उल्लेखनीय उपलब्धी हासिल की जो की मील का पत्थर है।
जय चित्तौड़ फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने चित्तौड़गढ़ में मिनरल मिक्सचर लघु उद्यम स्थापित किया है जो मिनरल मिक्सचर पशु आहार पूरक का उत्पादन करता है। समाधान, आजीविका सृजन के लिए एक एकीकृत सस्टेनेबल आजीविका परियोजना संयोजन बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण है जिसका लक्ष्य सितंबर 2016 से दक्षिण राजस्थान के 6 जिलों को सम्मिलित करते हुए कृषि, पशुधन हस्तक्षेप और किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से कृषक समुदायों के हित में सुधार करना है।
एफपीओ के माध्यम से, किसानों को न केवल अपनी खेती की लागत के प्रबंधन में आशा की एक नई किरण मिली, बल्कि उन्हें बाजार की कीमतों के बारे में भी नियमित जानकारी मिलती रही और वह सामूहिक रूप से बाजार पहुंच और उत्पाद से संबंधित चुनौतियों पर काबू पाते हुए अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर मूल्य निर्धारण निर्णय लेने में सक्षम हुए। ये उपलब्धियाँ राजस्थान में सस्टेनेबल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों की आजीविका बढ़ाने में हिन्दुस्तान जिं़क और उसके भागीदारों के समर्पण को दर्शाती हैं। समाधान कार्यक्रम समुदायों को सशक्त बनाने और क्षेत्र में कृषि के लिए एक उज्जवल भविष्य के निर्माण में प्रगति की ओर बढ़ रहा है।