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October 13, 2025, 11:50 am
KHABAR : गरोठ-कोटड़ा बुजुर्ग/बोलिया क्षेत्र में एक और दो रुपये के सिक्कों का चलन हुआ कम, आमजन हो रहे परेशान, शासन-प्रशासन से दुकानदारों व बैंकों पर सख्त कार्रवाई की मांग, पढ़े कमलेश प्रजापति की खबर

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गरोठ। कोटड़ा बुजुर्ग, बोलिया और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों एक और दो रुपये के सिक्कों का चलन तेजी से कम होता जा रहा है। दुकानदार इन सिक्कों को लेने से मना कर देते हैं, जिससे आमजन विशेषकर मजदूर वर्ग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल दैनिक लेन-देन में बाधा बन रही है, बल्कि भारतीय मुद्रा के अपमान के समान है।

समस्या का असर-
मजदूर वर्ग पर प्रभाव-  छोटी रकम के लेन-देन में असुविधा होने के कारण मजदूरों को दैनिक जरूरतों के लिए अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं।

बच्चों को दिक्कत- बच्चों को छोटी चीजें खरीदने में परेशानी हो रही है, क्योंकि दुकानदार सिक्के लेने से इनकार कर रहे हैं।

दुकानदारों की मनमानी- सिक्के स्वीकार न करना दुकानदारों की मनमानी है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक असमानता झेलनी पड़ रही है।

आवश्यक समाधान
शासन-प्रशासन की सख्ती- प्रशासन को ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो सिक्के लेने से मना करते हैं।

बैंकों की भूमिका- बैंकों को छोटे सिक्कों के वितरण और स्वीकार्यता को सुनिश्चित करना चाहिए।

जनजागरूकता अभियान: लोगों को यह समझाया जाना चाहिए कि एक और दो रुपये के सिक्के वैध भारतीय मुद्रा हैं, और इन्हें लेने से इनकार करना कानूनन गलत है।

स्थानीय लोगों ने शासन व प्रशासन से शीघ्र कदम उठाने की मांग की है ताकि आमजन को राहत मिले और बाजार में फिर से चिल्लर का चलन शुरू हो सके।

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