नीमच। कांग्रेस के युवा एवं किसान नेता एडवोकेट रमेश राजोरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में सरकारी लापरवाही के कारण 25 बच्चों की मौत हो चुकी है और अब नीमच जिले के किसानों के साथ भी अन्याय किया जा रहा है। भाजपा सरकार किसानों की जान लेकर ही मुआवजा देगी, ऐसा प्रतीत होता है।
राजोरा ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसानों को मुआवजा राशि मिल चुकी है, लेकिन नीमच जिले के किसानों को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। भाजपा के नेता “कुंभकरण की नींद” में सोए हुए हैं और किसानों के हितों की कोई बात नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों और नेताओं द्वारा कागज़ी औपचारिकताओं के नाम पर किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों में ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
राजोरा ने आरोप लगाया कि सरकार ने 3 अक्टूबर को ही नीमच जिले के लिए 119 करोड़ रुपये जारी कर दिए थे, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों के खातों में राशि नहीं पहुंची। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के नेता और प्रशासन मिलकर कोई नया खेल रच रहे हैं?
उन्होंने कहा कि नीमच जिले के तीनों भाजपा विधायक और सांसद मौन साधे बैठे हैं। चुनाव के समय किसान हित की बातें करने वाले ये नेता अब किसानों के दर्द से मुंह मोड़ चुके हैं। किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधि संवेदनहीन बने हुए हैं।
राजोरा ने यह भी कहा कि जिन किसानों की मुख्यमंत्री से सीधी बात भाजपा विधायकों ने करवाई थी, उनके खातों में भी अब तक मुआवजा राशि नहीं पहुंची। भाजपा शासन में हमेशा किसानों का शोषण हुआ है और आज भी किसान मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को याद रखना चाहिए कि किसान की मजबूरी उसकी कमजोरी नहीं है। यदि किसानों का सब्र टूटा, तो वे भाजपा को उसकी ताकत दिखा देंगे। दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले भी किसानों को मुआवजा न देना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।