चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़ जिला व विभाग के कार्यकर्ताओं ने वृहद गृह संपर्क अभियान के पत्रक व साहित्य में बस्सी में स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण को भेंट कर अभियान का शुभारंभ किया।
जिला संघचालक अनिरुद्ध सिंह भाटी ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के क्रम में चलने वाले इस अभियान में संघ के कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। परिवार के सदस्यों के साथ संक्षिप्त चर्चा में पंच परिवर्तन और संघ यात्रा के विषय रखेंगे। जिसमें सामाजिक समरसता, स्व का बोध, पर्यावरण संरक्षण, कुटूंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य के बारे में आग्रह किया जायेगा। प्रत्येक परिवार को एक कर-पत्रक (फोल्डर), भारत माता का चित्र और एक स्टिकर निःशुल्क दिया जाएगा। यह 21 दिवसीय अभियान 26 अक्टूबर से 16 नवम्बर तक चलेगा।
विभाग संघ चालक हेमंत जैन ने पंच परिवर्तन का संदेश बताया कि
1. स्व का बोध- जन-जन में स्व का भाव हो। स्वदेशी उत्पाद, पूर्वजों के गौरवशाली इतिहास, भारतीय ज्ञान परंपरा आदि पर गौरव हो।
2. कुटुम्ब प्रबोधन- परिवार व्यवस्था में संवाद व आत्मीयता बढाना। सनातन परपंरा अनुसार जीवन शैली को प्रोत्साहित करना।
3. सामाजिक समरसता- समाज में व्याप्त भेदभावों और असमानता को खत्म कर समरस, संगठित व समर्थ समाज का मार्ग प्रशस्त करना।
4. नागरिक शिष्टाचार- नागरिकों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को लेकर जागृति लाना।
5. पर्यावरण संरक्षण- प्रकृति से लोगों का जुड़ाव बढाना। प्रकृति से सामंजस्यपूर्ण जीवन को अपनाना।
गृह संपर्क अभियान इतिहास
1. संघ के 60 वर्ष होने पर 1985 में अभियान रू स्वयंसेवकों ने नगरों से लेकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित किया। संघ को लेकर जानकारी साझा की।
2. हॉ हेडगेवार शताब्दी वर्ष 1989- गृह संपर्क अभियान में डॉ. हेडगेवार के जीवनदर्शन और संघ के लक्ष्य से समाज को अवगत कराया गया। संघ ने इस अभियान के दौरान समाज सेवा कार्यों के लिए 11 करोड़ रुपए का निधि संग्रह भी किया।
3. 75 वर्ष पर राष्ट्र जागरण अभियान- स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर संघ के कार्य एवं विचार समझाए। इस दौरान विविध रैलियां, पथ संचलन, संगोष्ठियाँ और सम्मेलनों का आयोजन हुआ। जयपुर में 13 अक्टूबर 2001 को “राष्ट्र शक्ति संगम” नाम से विशाल पथ संचलन आयोजित हुआ जिसमें 51000 गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
4. श्री गुरूजी जन्म शताब्दी वर्ष 2006- खंड स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक “हिंदू सम्मेलन” और समरसता सभाओं की श्रंखला आयोजित की गई।
5. स्वामी विवेकानन्द सार्धशती 2012- एक विशाल राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य विवेकानंद के विचारों को युवाओं समेत समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना था।
इनके अलावा भी संघ स्वयंसेवकों ने अब तक विभिन्न समाज संपर्क अभियान में भाग लिया है। उनमें श्री राम मन्दिर शिला पूजन, विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा 2009, श्री राम मन्दिर निधि संग्रह 2021, श्री राम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा अक्षत वितरण 2024 आदि प्रमुख है।