झाबुआ। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशन में एवं प्रशासनिक न्यायाधिपति मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ इंदौर विवेक रुसिया के मुख्य आतिथ्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाबुआ द्वारा “सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम” 26 से 28 अक्टूबर-2025 को स्थान अम्बा पैलेस, बाड़कुआँ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष विधि सक्सेना, मास्टर ट्रेनर एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शमीम, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह, न्यायाधीशगण एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
उक्त कार्यक्रम में प्रशासनिक न्यायाधिपति विवेक रुसिया ने इंदौर में सामुदायिक मध्यस्थता के क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामुदायिक मध्यस्थता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, उन्होंने मध्यस्थता से होने वाले लाभों के बारे में बताते हुये कहा कि मध्यस्थता से निपटे हुये मामलों में ना किसी की जीत होती है और ना किसी की हार होती है, प्रशासनिक न्यायाधिपति ने आगे कहा कि मध्यस्थता अभी से नहीं चल रही है यह हजारो-हजारो साल पहले रामायण एवं महाभारत काल से चली आ रही है, उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को शुभकामनाऐं देते हुये कहा कि आप यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर समाज में होने वाले छोटे- मोटे प्रकरणों का निराकरण मध्यस्थता के माध्यम से करवाने में सहयोग प्रदान कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष विधि सक्सेना ने सामुदायिक मध्यस्थता को परिभाषित करते हुये कहा कि यह एक संरक्षित अवधारणा है जिसमें समाज में उत्पन्न होने वाले छोटे-छोटे मामलों का निराकरण आपसी सुलह समझाईश कर सकते है, उन्होंने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है जिसमें एक प्रशिक्षित, तटस्थ मध्यस्थ समुदाय के भीतर लोगों के बीच मतभेदों और विवादों को सुलझाने में मदद करता है यह एक सुरक्षित और तटस्थ वातावरण प्रदान करता है जहाँ पक्षकार अपने विवादों पर चर्चा कर अक्सर अदालती कार्यवाही और उससे जुड़े खर्चों से बचते हुए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान ढूंढ सकते हैं, न्यायमूर्ति के सामुदायिक मध्यस्थता के विचार को न्यायालयों की परिधि से पृथक समाजों और समुदायों तक विस्तारित करने का कार्य प्रारंभ किया जिससे सामुदायिक स्तर पर कार्यवाही करने हेतु व्यक्ति को अविलंब समाधान प्राप्त हो सकें, कार्यक्रम में कलेक्टर नेहा मीना ने झाबुआ में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र संचालन हेतु हर संभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया
इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मास्टर ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम, पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह गुर्जर, विशेष न्यायाधीश विवेक सिंह रघुवंशी, जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार शर्मा, सुभाष सुनहरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन कुमार मुजाल्दा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सरोज बाला मुजाल्दा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ शिव कुमार डाबर, बलराम मीणा, सिविल न्यायालय पेटलावद से जिला न्यायाधीश ओमप्रकाश बोहरा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सोहनलाल भगोरा, नेहा मोर्य सोलंकी, सिविल न्यायालय थांदला से न्यायिक मजिस्ट्रेट गजेन्द्र सिंह रावत, अब्दुल सईद चौधरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, जिला विधिक सहायता अधिकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर दीपक शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी झाबुआ जयदेव माणिक, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ दीपक भंडारी सहित अधिवक्तागण, अस्सिटेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विश्वास शाह, जिला न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल रुपेश शर्मा ने तथा आभार प्रदर्शन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमार डाबर ने किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना गायन व जनजाति कलाकारों द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति भी दी गई, 26 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक आयोजित सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं विधि सक्सेना प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ द्वारा झाबुआ जिले के छह जनपद के 48 प्रतिभागियों को सामुदायिक मध्यस्थता के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।