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November 5, 2025, 6:59 pm
BIG NEWS : कुकड़ेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर निभाई गई “टाटी तराने” की अनोखी परंपरा, कुंवारी कन्याओं ने किया जल में टाटी विसर्जन, मांगी शुद्धि और सौभाग्य की कामना, पढ़े दशरथ नागदा की खबर 

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कुकड़ेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर कुकड़ेश्वर में परंपरागत “टाटी तराना” या “टाटी बाँधना” की अनोखी और प्राचीन परंपरा श्रद्धा व उत्साह के साथ संपन्न हुई। नगर के सहस्त्रमुखेश्वर महादेव तालाब परिसर में कुंवारी कन्याओं और महिलाओं ने जल में टाटी (गुड़, चावल, फूल आदि) विसर्जित कर शुद्धता, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना की।

कुंवारी कन्याएँ आशा कुमारी, विनीता कुमारी, रश्मि कुमारी, भूमिका, नव्या और अंजलि ने बताया कि इस परंपरा का उद्देश्य जल की शुद्धता और जीवन में पवित्रता को बनाए रखना है। वे पूरे माह तक व्रत रखकर प्रतिदिन स्नान व पूजन करती हैं और कार्तिक पूर्णिमा के दिन जल में टाटी विसर्जन कर पुण्य अर्जित करती हैं।

धार्मिक मान्यता है कि जल में टाटी तराने से माँ गंगा एवं स्थानीय जलदेवता प्रसन्न होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं सामाजिक दृष्टि से यह परंपरा सामूहिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करती है। नगरवासियों की बड़ी उपस्थिति में संपन्न इस पारंपरिक आयोजन ने कुकड़ेश्वर में भक्ति, आस्था और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संदेश दिया।

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