नीमच। देश के प्रथम प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के शिल्पकार स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू की 136वीं जयंती पर मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेहरूजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पंडित नेहरू केवल स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक, संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष नींव के प्रमुख निर्माता थे। बच्चों के प्रति उनके विशेष स्नेह के कारण ही देशभर में उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बताया गया कि 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में जन्मे नेहरू ने हैरो और कैम्ब्रिज में शिक्षा प्राप्त की और 1912 में बार-एट-लॉ की उपाधि हासिल की। वे छह बार कांग्रेस अध्यक्ष रहे और स्वतंत्रता आंदोलन के हर चरण में अग्रणी भूमिका निभाई। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें बंबई में गिरफ्तार भी किया गया था।
स्वतंत्रता के बाद 1947 में वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने और 27 मई 1964 तक राष्ट्र का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू, अनिल चौरसिया, राकेश अहीर, बृजेश सक्सेना, बृजेश मित्तल, मोनू लोक्स, मधु बंसल, बाबू सलीम, आशा सांभर, योगेश प्रजापति, पृथ्वी सिंह वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेहरू के सपनों के भारत को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।